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क्लास 8 तक की मान्यता, पढ़ा रहे 12वीं तक

Sat, 15 Feb 2014 09:26 AM IST
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 15 Feb 2014 09:26 AM IST
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students cheated by school

नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाकर, बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने से भी कुछ जिम्मेदार चूक नहीं रहे हैं। एक ऐसा ही मामला सामने आया डालीगंज सब्जी मंडी स्थित शताब्दी स्कूल का।

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इस स्कूल को मान्यता केवल आठवीं तक मिली है, 10वीं, 12वीं की कोचिंग दिखाकर अन्य स्कूल से 60 बच्चों के परीक्षा फॉर्म भी भरवा दिए और अब प्रबंधकों के आपसी विवाद में बच्चों का भविष्य भेंट चढ़ रहा है।
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बच्चों और उनके अभिभावकों को यह तक पता नहीं चल रहा है कि फॉर्म किस स्कूल से भरवाए गए हैं, प्रवेश पत्र कहां से मिलेगा और उनका केंद्र कहां होगा।

यह हाल है राजधानी में शिक्षा की स्थिति का। शिक्षा विभाग फर्जीवाड़ा रोकने के लाख दावे करे लेकिन लगाम नहीं कस पा रही है। ताजा मामला सामने आया डालीगंज सब्जी मंडी स्थित शताब्दी स्कूल का।
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इस स्कूल को बेसिक शिक्षा परिषद से कक्षा आठ तक की मान्यता मिली हुई है। इसके बावजूद यहां पर 10वीं व 12वीं कक्षाएं चल रहीं हैं।

यहां दो साल तक पढ़ाई हुई और स्कूल ने 60 बच्चों के परीक्षा फॉर्म दूसरे स्कूल के नाम पर भरवा दिए। बच्चों और न ही उनके अभिभावकों को इस बात की जानकारी थी कि स्कूल को मान्यता ही नहीं मिली है।

इस बीच स्कूल के प्रबंधक पति-पत्नी के बीच हो गया। इसके बाद विद्यालय की बागडोर प्रबंधक आरके अवस्थी के बजाय उनकी पत्नी संगीता अवस्थी के हाथों में आ गई। अब इन दोनों के विवाद का खामियाजा बच्चे भुगत रहे हैं।

पूर्व प्रबंधक यह बताने को तैयार ही नहीं है कि फॉर्म कहां से भरवाए गए हैं। वर्तमान प्रबंधक ने भी पल्ला झाड़ लिया है। अब परीक्षाएं तीन मार्च से हैं और बच्चों को यह तक नहीं पता कि वे एग्जाम दे पाएंगे या नहीं।

अभिभावक स्कूल के चक्कर काट रहे हैं लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं मिल पा रही। स्टूडेंट्स और अभिभावक प्रवेश पत्र के लिए परेशान हैं।

बड़ा सवाल यह भी है कि अगर फॉर्म दूसरी जगह से भरवाए गए तो फिर उनके प्रैक्टिकल हुए या नहीं। यह भी संभव है कि बच्चों के प्रैक्टिकल भी ले-देकर बिना जाए ही करवा दिए गए हों।

शताब्दी स्कूल पुरनिया और खदरा में भी कुछ इसी तरह का खेल चल रहा है। बताया जाता है कि बगैर मान्यता के यहां भी बच्चों के फॉर्म भरवाए गए हैं।

लेकिन इस मामले का पूरी तरह खुलासा नहीं हो सका, जबकि डालीगंज स्थित स्कूल में प्रबंधन में हुए विवाद के कारण ही यह मामला सामने आ गया।

शताब्दी स्कूल के पूर्व प्रबंधक आर के अवस्थी ने बताया कि स्कूल को जूनियर हाईस्कूल तक मान्यता प्राप्त है। इसके साथ ही 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए कोचिंग की मान्यता ले रखी है।

जिसके तहत स्टूडेंट्स के रेग्युलर और प्राइवेट परीक्षा फॉर्म भरवाए गए हैं। परीक्षा फॉर्म किस विद्यालय से भरवाए गए हैं, यह नहीं बता सकता। सभी बच्चों को 25 फरवरी तक प्रवेश पत्र मिल जाएंगे।


यह काम भी मैं मानवता के नाते करूंगा क्योंकि विद्यालय पर मेरी पत्नी ने जबरन कब्जा जमाया हुआ है। इस लिहाज से सारी जिम्मेदारी उनकी होनी चाहिए।

वहीं वर्तमान प्रबंधक संगीता अवस्थी ने बताया कि पूर्व प्रबंधक ने फॉर्म कहां से भरवाए हैं, मेरी जानकारी में नहीं है। मुझे तो यह भी नहीं पता था कि विद्यालय को किस कक्षा तक मान्यता मिली हुई है।

मैंने सितंबर में विद्यालय का प्रबंधन संभाला है, तब तक बच्चों के फॉर्म भरवाए जा चुके थे।

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