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LU: गांधी के विचारों का कोई मोल नहीं

Wed, 02 Oct 2013 09:11 AM IST
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/लखनऊ Updated Wed, 02 Oct 2013 09:11 AM IST
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students are not intrested in mahatma gandhi thoughts

आधुनिकता की अंधी दौड़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को पढ़ने वालों का टोटा है। लखनऊ विवि में शिक्षा शास्त्र विभाग में सेंटर ऑफ गांधियन थॉट्स में चलाए जा रहे डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स बंद हैं।

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पांच सालों से इन कोर्सों को बजट के अभाव में नहीं चलाया जा रहा है। गांधी जी के नाम पर चलने वाले ये कोर्स सेल्फ फाइनेंस हैं।

वित्तीय घाटा न उठाने के चलते लविवि ने ये कोर्स बंद कर दिए। जबकि इस कोर्स को चलाने के लिए शिक्षकों ने क्या कुछ नहीं किया।

उन्होंने मुफ्त में क्लास तक पढ़ाई और पेपर बनाकर परीक्षाएं तक करवाईं। इसके बाद जब मौखिक परीक्षा की बारी आई तो दिल्ली यूनिवर्सिटी से आए एक्सपर्ट प्रो. रवीश कुमार ने दरियादिली दिखाते हुए कोई मानदेय तक नहीं लिया।
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इसके बावजूद इस कोर्स को नहीं चलाया जा सका। जबकि इसकी फीस मात्र दो हजार रुपये थी।
सेंटर ऑफ गांधियन थॉट्स के निदेशक प्रो. मोरध्वज वर्मा ने बताया कि काफी प्रयासों के बाद भी यह कोर्स नहीं चलाया जा सका।

इसका दर्द उनके चेहरे पर साफ झलकता है। उन्होंने बताया कि सेल्फ फाइनेंस कोर्स की इतनी कम फीस होने के बावजूद डिप्लोमा कोर्स में 30 सीटों के मुकाबले सिर्फ 15 एडमिशन हुए।
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इसमें भी 9 एडमिशन जीरो फीस वाले थे। एससी-एसटी व ओबीसी के गरीब स्टूडेंट की फीस समाज कल्याण से मिलनी थी। यूनिवर्सिटी को वह भी काफी कोशिशों के बाद नहीं मिल पाई।

प्रो. वर्मा कहते हैं कि शिक्षकों के सहयोग से किसी तरह पहले बैच की पढ़ाई और परीक्षा करवाई। जब सब कुछ हो गया तो मामला इन स्टूडेंट की डिग्री को लेकर फंस गया।

क्योंकि इस कोर्स के खाते में कोई रकम नहीं थी ऐसे में स्टूडेंट को डिग्री मिलना मुश्किल हो गया। क्योंकि डिग्री छापने के लिए बाकायदा कोटेशन होता है और उसके बाद छपाई की जाती है।

वर्ष 2007-08 में जिन छात्रों ने परीक्षा पास की उन्हें अपनी डिग्री पाने के लिए बहुत दौड़ भाग करनी पड़ी। एक से डेढ़ साल तक छात्र डिग्री के लिए इंतजार करते रहे लेकिन बजट की व्यवस्था नहीं हो पाई।


इसके बाद तत्कालीन कुलपति प्रो. एएस बरार ने अपने प्रयासों से डिग्री छपवाने के लिए रकम जुटाई और स्टूडेंट को किसी तरह डिग्री दी गई। इसके बाद से इस कोर्स में दाखिले नहीं हो पाए हैं।

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