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स्टूडेंट्स की होगी रैगिंग रोकने की जिम्मेदारी

Tue, 11 Nov 2014 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 11 Nov 2014 10:34 PM IST
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students are also include in anti ragging committe.

जीबी पंत पॉलीटेक्निक में रैगिंग और मारपीट रोकने की जिम्मेदारी अब स्टूडेंट्स की भी होगी। लगातार बढ़ रही मारपीट की घटनाओं को देखते हुए सोमवार को समाज कल्याण संयुक्त निदेशक जी राम ने डे स्कॉलर्स और सीनियर छात्रों की एक समिति गठित की है।

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रैगिंग या मारपीट होने की सूरत में छात्र समिति की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। वहीं, अब तक हुई घटनाओं में दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस से कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।
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इस वर्ष जीबी पंत पॉलीटेक्निक में मारपीट और रैगिंग की आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी हैं। ज्यादातर घटनाओं में हॉस्टलर्स और डे स्कॉलर्स के बीच टकराव की बात सामने आई है।
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दरअसल, समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पॉलीटेक्निक होने के कारण यहां पर 70 फीसदी सीटें अनुसूचित जाति और जनजाति के स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित हैं।

हॉस्टल केवल आरक्षित स्टूडेंट्स के लिए

students are also include in anti ragging committe.

बाकी सीटों पर अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य श्रेणी के स्टूडेंट्स को दाखिला दिया जाता है। हॉस्टल की सुविधा भी केवल आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट्स को ही दी जाती है।

ऐसे में हॉस्टल के स्टूडेंट्स की संख्या काफी अधिक हो जाती है। इसके बाद पॉलीटेक्निक के ही कुछ शिक्षकों की राजनीति के चलते दोनों छात्र गुटों में टकराव की नौबत आती है।

इस पर समाज कल्याण निदेशक ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मामले की जांच संयुक्त निदेशक जी राम को सौंपी थीं। शुक्रवार को हुई घटना पर जेडी ने प्रिंसिपल को फटकार लगाते हुए कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा था।

संयुक्त निदेशक सोमवार को भी पॉलीटेक्निक पहुंचे। वहां उन्होंने समिति का गठन किया। समिति में डे स्कॉलर और हॉस्टलर्स दोनों पक्ष के सात-सात स्टूडेंट रखे गए हैं।

इन स्टूडेंट्स की जिम्मेदारी दी गई मारपीट व रैगिंग की घटनाओं की संभावित घटनाओं को टालें तथा इसकी सूचना प्रशासन को दें।

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