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परीक्षाः गांधीजी लुंगी पहनते थे...
देहरादून/आफताब अजमत
Updated Sat, 03 Aug 2013 09:31 PM IST
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श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय ने पहली बार व्यक्तिगत परीक्षा तो आयोजित करा दी, लेकिन इस परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं इन्हें जांचने वाले शिक्षकों के लिए सिरदर्द का सबब बन चुकी है। दरअसल, छात्रों ने सवालों के बेसिरपैर के जवाब लिखे हैं।
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आलम यह है कि एक शिक्षक के पास 250 कापियां चेकिंग के लिए पहुंची, लेकिन ऊटपटांग जवाबों के चलते वह महज तीस को ही पासिंग अंक दे सके।
कापियां जांच रहे शिक्षकों के बीच तो अब यह जुमला भी चलने लगा है कि प्राइवेट परीक्षा है तो जवाब भी प्राइवेट ही मिल रहे हैं। अब, इन जवाबों का नतीजा क्या होगा यह तो विवि का परिणाम घोषित होने के बाद ही साफ होगा।
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ऐसे-ऐसे जवाबः
बीए प्रथम वर्ष का एक सवाल था, ‘गांधीजी राज्यों के प्रति क्या विचारधारा रखते थे?’ एक छात्र का जवाब देखिए- ‘गांधी जी अहिंसा के पुजारी थे। उनके तीन बंदर थे। नाथूराम गोडसे ने गांधीजी को गोली मारी थी। गांधीजी हमेशा लुंगी पहनते थे।’
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एक छात्र ने सवाल के जवाब की जगह एक भजन ही लिख डाला। इसके आगे शिक्षक से पास करने की गुहार लगाते हुए उसने लिखा, ‘भगवान उन लोगों को हमेशा खुश रखता है, जो दूसरों को खुश रखते हैं।’ इसके बाद पूरी कॉपी कोरी है।
जो पास वे भी बस पासः
शिक्षक बताते हैं कि परीक्षार्थियों के स्तर का बुरा हाल है। अजब जवाबों के चलते कई फेल हो गए हैं, लेकिन जो पास हुए हैं उनके अंक भी बेहतर नहीं। अधिकांश ने सौ में से 36, यानी ठीक पासिंग मार्क्स ही हासिल किए हैं।
इसे लेकर शिक्षक चिंतित भी हैं। शिक्षक कहते हैं कि कापियां देख लग रहा है कि परीक्षार्थियों ने विवि की परीक्षा को मजाक के तौर पर लिया है। इस तरह पास होने वाले छात्रों के भविष्य का अंदाजा लगाया जा सकता है।