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क्या इस बार लाल दुर्ग में लहराएगा भगवा?
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 07 Aug 2014 01:51 PM IST
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में भी छात्रसंघ चुनाव 12 सितंबर को हो सकते हैं। छात्र संगठन इस तिथि पर चुनाव करवाने की तैयारी में जुट गए हैं, क्योंकि सेशन शुरू होने के आठ हफ्तों के तहत आखिरी दिन 12 सितंबर ही है।
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छात्रसंघ अध्यक्ष, संयुक्त सचिव और आइसा सदस्यों के यौन शोषण मामले में नाम आने के बाद चुनाव में काफी गहमागहमी होगी। अन्य छात्र संगठन आइसा को इस मामले में घेरने की रणनीति बनाने में जुट गई है।
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वहीं, एबीवीपी पूरे जोर से चुनाव में चुनौती देने की कवायद में जुट गई है। यह पहला मौका होगा जब जेएनयू में लाल झंडे को सीधे टक्कर देने में भगवा आगे आएंगे। संगठन के पदाधिकारियों के मुताबिक, इस बार डीयू की तर्ज पर जेएनयू में भी भाजपा के बड़े नेताओं को प्रचार के लिए बुलाया जाएगा।
इसी के तहत सदस्यता अभियान शुरू हो चुका है। लगभग 500 नए सदस्य एबीवीपी से जुड़ चुके हैं। उधर, आइसा को मात देने के लिए अन्य लेफ्ट पार्टियों के छोटे-बडे़ छात्र संगठन भी कूद चुके हैं। इस बार एसएफआई, एआईएसएफ समेत अन्य संगठन खुलकर आइसा के खिलाफ प्रचार में उतरे हैं।
चुनाव में बड़ा मुद्दा बनेगा
एआईएसएफ के रोहिला ने बताया कि चुनाव अन्य मामले से पहले जीएस कैश कमेटी तक पहुंचा मुद्दा छात्रों के बीच उठाया जाएगा। इसी के आधार पर रणनीति बनाते हुए वोट मांगे जाएंगे।
एबीवीपी सदस्य संदीप सिंह ने कहा कि गैंगरेप जैसे मुद्दों पर आइसा सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए इंसाफ मांगती है, लेकिन उनके अपने पदाधिकारी यौन शोषण में फंस चुके हैं। चुनाव में आइसा को उनकी असली हकीकत दर्शाते हुए छात्रों से सही संगठन को वोट देने की मांग करेंगे।