छात्रसंघ चुनावः डीबीएस में मतगणना शुरू
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देहरादून के डीबीएस पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के लिए गुरुवार को वोटिंग होने के बाद दोपहर लगभग तीन बजे मतगणना शुरू हुई। शाम तक परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। कॉलेज में 63.05 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान शांतिपूर्वक रहा।
कॉलेज में 43 प्रत्याशी विभिन्न पदों के लिए मैदान में हैं। कॉलेज में 2291 छात्रों ने परिचय पत्र प्राप्त किया है। केवल वैध परिचय पत्र वाले छात्र ही वोट डाल सकेंगे।
मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. प्रत्यूष वत्सला ने बताया कि चुनाव सुबह साढ़े आठ बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक चुनाव होगा। आठ बूथ बनाए गए हैं। पूर्वी ब्लॉक में पांच और उत्तरी ब्लॉक में तीन बूथ हैं।
पूर्वी ब्लॉक में प्रवेश सेंट्रल स्टेअर्स से और उत्तरी ब्लॉक में प्रवेश डीबीएस कॉलेज के मुख्य द्वार से मिलेगा। बिना वैलिड आईकार्ड कोई भी छात्र वोट नहीं डाल पाएगा। मुख्य नियंता कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कॉलेज में कुल 2579 छात्रों ने एडमिशन लिया है, जिनमें से 2291 ने परिचय पत्र प्राप्त किया है।
इसमें 1376 यानी 53.36 प्रतिशत छात्राएं और 1203 यानी 46.64 प्रतिशत छात्र शामिल हैं। यह प्रत्याशी कॉलेज में कुल 43 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे।
डीएवी में बंटे वोट के लिए नोट
डीएवी कॉलेज में लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत पांच हजार खर्च का दावा करने वाले छात्रसंघ प्रत्याशियों ने जमकर पैसा बहाना शुरू कर दिया है। बुधवार को एक प्रत्याशी के लिए कॉलेज गेट पर खुलेआम छात्र-छात्राओं नोट बांटे गए।
बुधवार को कॉलेज गेट पर खड़ा एक व्यक्ति हर आने वाले छात्र-छात्रा को 100 रुपए के नोट के साथ एक बड़े छात्र संगठन के प्रत्याशी का चुनावी पर्चा थमा रहा था।
सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक नोट बांटने वाला निकल चुका था। दिनभर यह मामला डीएवी में चर्चा का विषय बना रहा।
डीएवी कॉलेज में नामांकन प्रक्रिया बुधवार को शुरू हो गई। पहले दिन कुल पांच नामांकन दाखिल हुए। अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी के पारस ने दो नामांकन किए।
ऐसी कोई सूचना नहीं मिली है। यदि किसी ने कॉलेज में नोट बांटे हैं तो यह निंदनीय है। हम चुनाव समिति को भी इस बारे में जागरुक रखेंगे।
- डॉ. देवेंद्र भसीन, प्राचार्य, डीएवी कॉलेज
सिस्टम की देरी ने वोट देने से रोका
सिस्टम की देरी ने पहले दाखिले लटकाए रखे। अब छात्राओं को वोट से भी वंचित कर दिया। एमकेपी पीजी कॉलेज में दस सितंबर को होने जा रहे छात्रसंघ चुनाव में बीएससी और एमएससी की छात्राएं मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाएंगी।
गढ़वाल विवि की लेटलतीफी से सीटों की संख्या देरी से पता चली है। ऐसे में बीएससी और एमएससी की मेरिट लिस्ट चुनाव के बाद 13 सितंबर को जारी होगी। प्राचार्य डॉ. इंदु सिंह ने बताया कि बीएससी सीबीजेड की 120 सीटें होंगी, जबकि गत वर्ष इस कोर्स में 225 दाखिले हुए थे।
एमएससी केमिस्ट्री में सीटों की संख्या गढ़वाल विवि ने 12 से बढ़ाकर 20 कर दी है। उन्होंने बताया कि इनकी प्रास्पेक्टस बिक्री शुरू हो चुकी है। पांच सितंबर तक प्रास्पेक्टस बिकने के बाद छात्राएं नौ सितंबर तक कॉलेज में पंजीकरण करा सकती हैं।
इसके बाद दस सितंबर को चुनाव होगा। 13 सितंबर को बीएससी और एमएससी प्रथम की मेरिट सूची जारी की जाएगी, जिनके एडमिशन 16 सितंबर तक किए जाएंगे। गढ़वाल विवि की ओर से सीटों के निर्धारण के लिए निरीक्षण पैनल बनाने और सीटों की संख्या बताने में देरी की वजह से यह छात्राएं चुनाव से वंचित होने जा रही हैं।
23 छात्राओं ने दाखिल किया नामांकन
एमकेपी पीजी कालेज के चुनावी मैदान में 23 छात्राओं ने अपना दावा पेश किया है।
एमकेपी में इन्होंने पेश किया दावा
अध्यक्ष - आयुषी थलवाल (विकास ग्रुप), सपना चौहान (एबीवीपी)
उपाध्यक्ष - साक्षी भट्ट (एबीवीपी), दिव्या पुन (विकास ग्रुप)
सचिव - सपना सकलानी (विकास ग्रुप) और ममता राणा (एबीवीपी)
सहसचिव - रिनिका नेगी (विकास ग्रुप) और अनामिका (एबीवीपी)
कोषाध्यक्ष - रचना विज (विकास ग्रुप) और निधि तिवारी (एबीवीपी)
विवि प्रतिनिधि - वर्षा अरोड़ा (विकास ग्रुप) और असमा अंसारी (एबीवीपी)
कार्यकारिणी सदस्य - 11 सदस्य