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DAV में वोट डालने पहुंच गए थे तीन हजार छात्र

Wed, 10 Sep 2014 02:06 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 10 Sep 2014 02:06 PM IST
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student union election in dav pg college

डीएवी पीजी कॉलेज का छात्र संघ चुनाव विधानसभा चुनावों की तर्ज पर खर्चीला माना जाता है। पहली बार चुनाव स्थगित होने के बाद छात्र संगठनों की जान पर बन आई है।

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धरी रह गई सभी तैयारी
बुधवार को होने वाले चुनाव से पहले दून में करीब तीन हजार छात्र पहुंच चुके थे। रात में उन्हें हॉस्टल, धर्मशालाओं और छात्रों के कमरों में टिकाया गया था। चुनाव स्थगित होने का आदेश आने के बाद सभी तैयारियां धरी रह गईं।
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लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत छात्र संघ के चुनाव में एक प्रत्याशी पांच हजार रुपए खर्च कर सकता है। लेकिन डीएवी के महामुकाबले में आफ द रिकॉर्ड पैसा पानी की तरह बहाया जाता है। तैयारियां इस बार भी पूरी थीं। चकराता, लखवाड़, नैनबाग, डाम्टा, बिहारीगढ़, लक्सर, ऋषिकेश, हरिद्वार आदि जगहों से गाड़ियां बुक थीं।
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एडवांस पेमेंट हो चुका था। करीब तीन हजार छात्र दून लाए जा चुके थे। उन्हें धर्मशालाओं, होटल, छात्रों के कमरों और हॉस्टलों में ठहराया गया था।

खाने-पीने की व्यवस्था के तहत करीब 100 पेटी शराब भी बांटी जा चुकी थी। जीत के लिए छात्र संगठनों ने जमकर धन-बल का प्रयोग किया था। अब संगठनों को चिंता सता रही है कि नई तिथि कब आएगी। फिर इतने पैसों का इंतजाम कैसे करेंगे?

एक गाड़ी पर चार हजार खर्च

चुनाव के लिए छोटी गाड़ियां बुक की गई थी। एक छात्र नेता ने बताया कि एक गाड़ी पर चार हजार से लेकर छह हजार तक का खर्च आया। एक गाड़ी में दस छात्र आ सकते हैं, जिसमें छह वोटर और चार नॉन वोटर समर्थक होते हैं। इतने खर्च के बाद चुनाव समय पर न होना मुश्किल बढ़ाएगा।

सरकार वर्सेज एबीवीपी बना चुना
डीएवी कॉलेज का छात्र संघ चुनाव एनएसयूआई और एबीवीपी के बजाए प्रदेश सरकार वर्सेज एबीवीपी नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के कई विधायकों और पार्टी में रुतबा रखने वाले नेताओं की साख भी दांव पर है। सूत्रों के मुताबिक सीएम हाउस से चुनाव में दिशा-निर्देश मिल रहे हैं।

डीएम के आदेश को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। एनएसयूआई पदाधिकारी जिस तरह प्राचार्य को धमकी देकर गए और कुछ मिनट बाद ही डीएम का आदेश आ गया, इसे भी सत्ता से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बार चुनावों में एनएसयूआई की साख भी दांव पर लगी है।

संकट में न पड़ जाए छात्र संघ चुनाव

डीएवी कालेज का छात्र संघ चुनाव संकट में है। डीएम के आदेशों के बाद 12 सितंबर तक चुनाव स्थगित हो गए हैं। अगली तिथि 12 के बाद ही जारी होगी, जबकि लिंगदोह समिति की सिफारिशों के मुताबिक सत्र शुरू होने के आठ हफ्ते तक चुनाव हो जाने चाहिए।

कालेज के इतिहास में पहली बार छात्र संघ चुनाव स्थगित किए गए हैं। अगर सत्र शुरू होने के आठ हफ्ते का वक्त निकल गया तो इस साल का चुनाव टल सकता है। वहीं, हाईकोर्ट के आदेश भी राह रोक सकते हैं। हाईकोर्ट ने शिक्षा सुधार के तहत आदेश दिए थे कि हर कालेज में 180 दिन का शिक्षण अनिवार्य किया जाए।


चुनाव तैयारियों में अब तक करीब एक सप्ताह का समय लग गया है। दोबारा अधिसूचना जारी करने पर कुछ दिन और चुनाव की भेंट चढ़ जाएंगे। प्राचार्य डॉ. देवेंद्र भसीन का कहना है कि 12 सितंबर के बाद सभी नियमों और प्रावधानों के देखने के बाद कालेज प्रशासन फैसला करेगा।

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