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कॉलेजों की लापरवाही से हजारों छात्रों को बड़ा 'नुकसान'
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 20 Sep 2015 01:25 PM IST
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उत्तराखंड के डिग्री कॉलेजों की लापरवाही से हजारों छात्र छात्रवृत्ति से वंचित हो सकते हैं। दरअसल, जिले के कई डिग्री कॉलेजों ने अब तक जरूरी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। इसके बिना स्टूडेंट स्कॉलरशिप के लिए समाज कल्याण विभाग में आवेदन नहीं कर पाएंगे।
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समाज कल्याण विभाग ने अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के छात्रों को दशमेत्तर कक्षाओं (दसवीं कक्षा के बाद की पढ़ाई) में मिलने वाली छात्रवृत्ति योजना की प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है। इसके लिए जिले के इंटर कॉलेज, डिग्री कालेज को समाज कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना से संबंधित वेबसाइट escholarship.uk.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है।
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रजिस्ट्रेशन होने पर जिला समाज कल्याण विभाग कॉलेज को लॉगिन आईडी और पासवर्ड जारी करेगा। इसके बाद ही छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन कर पाएंगे। इंटर कॉलेजों ने जरूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है, पर जिले के डिग्री कॉलेज इसमें पिछड़ गए हैं।
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ऐसे हालात में इन कॉलेजों में पढ़ने वाले स्टूडेंट परेशान हैं। कॉलेजों के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है। हर साल यह छात्रवृत्ति लगभग ढाई हजार छात्र छात्राओं को दी जाती है।
छात्रवृत्ति योजना
समाज कल्याण विभाग अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ी जाति के पात्र स्टूडेंटों को दसवीं कक्षा के बाद पढ़ाई करने पर छात्रवृत्ति देता है। इस योजना के तहत प्रतिमाह 550 रुपए तक की छात्रवृत्ति देने के साथ ही शिक्षण शुल्क (ट्यूशन फीस) भी कॉलेज रिफंड करता है। ट्यूशन फीस की यह धनराशि समाज कल्याण विभाग संबंधित कॉलेजों को देता है।
यह है जरूरी
अनुसूचित जाति और जनजाति छात्रों के लिए माता पिता की वार्षिक आय ढाई लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। जबकि पिछड़ी जाति के छात्र-छात्राओं के माता पिता की वार्षिक आय एक लाख रुपए से अधिक न हो।
जो कॉलेज 30 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराएंगे, उनके छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाएगा। रजिस्ट्रेशन नहीं होने से छात्रवृत्ति नहीं मिलने के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार कॉलेज प्राचार्य होंगे। कॉलेज के रजिस्ट्रेशन के बाद छात्र छात्राओं के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अक्तूबर है।
- दीपांकर घिल्डियाल, सहायक समाज कल्याण अधिकारी