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छात्रों ने पूछा, किस बात के लिए जा रहे हैं 160 रुपए?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 19 Apr 2014 06:10 PM IST
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प्रदेश विश्वविद्यालय एससीए ने प्रवेश परीक्षा फार्म के लिए ली जा रही 160 रुपये की फीस के विरोध में शनिवार को डीएस का घेराव कर दिया।
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इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए छात्रों ने अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. सुरेश कुमार को अपना मांगपत्र भी सौंपा। एससीए अध्यक्ष राजन हारटा और सचिव पीयूष सेवल की अगुवाई में छात्र करीब साढ़े बारह बजे डीएस कार्यालय पहुंचे।
यहां डीएस ने सेमीनार में होने की बात कहकर उन्हें टालने का प्रयास किया। इस पर उग्र हुए छात्रों ने डीएस का घेराव कर उन्हें मांग पत्र सौंपा। अध्यक्ष राजन का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों को ऑनलाइन के बहाने मनमानी फीस वसूल रहा है।
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फीस पर उठाए सवाल
साइट पर ऑनलाइन के नाम पर पीडीएफ फाइल डाली गई है। इससे सिर्फ छात्रों को फार्म मिल रहे हैं। इसके लिए उन्हें 70 से सौ रुपये तक प्रवेश फार्म भरने की प्रक्रिया में फीस के अलावा खर्च करने पड़ रहे हैं।
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ऐसे में फार्म के नाम पर छात्र 160 रुपये की फीस क्यों दें। छात्रों को सब्सिडाइजड और नान सब्सिडाइजड सीटों के लिए आवेदन करने को दो बार 160 रुपये की फीस चुकानी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने और कमाई करने का तरीका अपनाया गया है। उन्होंने विवि प्रशासन पर फार्म देरी से निकालने के कारण परेशान करने का आरोप भी लगाया है।
हारटा ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्र छात्र, जिन्हें नए तरीके से फार्म भरने की प्रक्रिया समझ ही नहीं आई है वे कैसे 28 अप्रैल तक प्रवेश परीक्षा फार्म भर पाएंगे। इस सब के लिये प्रशासन जिम्मेदार है। उन्होंने आंदोलन करने की चेतावनी दी है।