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माइक्रोसॉफ्ट राजधानी में ढूंढ रही 'स्पार्क की'

Fri, 18 Oct 2013 08:58 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 18 Oct 2013 08:58 AM IST
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student partner summit of microsoft

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने देहरादून के तुलाज इंस्टीट्यूट में ‘स्टूडेंट पार्टनर समिट’ का आयोजन किया। इसमें 25 राज्यों से 350 से ज्यादा छात्रों ने शिरकत की।

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इस समिट के तहत दो राउंड की परीक्षा हुई। इसमें चयनित होने वाले छात्रों को बंगलूरू में ग्रुप डिस्कशन व इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। कंपनी के मुताबिक सफल छात्रों को बेहतरीन पैकेज दिया जाएगा।
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देशभर से 1300 छात्रों का चयन किया गया
माइक्रोसॉफ्ट के जीएम जोसेफ लैंड्स के अनुसार देशभर से 1300 छात्रों का चयन किया गया था। विभिन्न प्रतियोगिताओं के जरिये इनमें से चुने गए 350 छात्रों को तुलाज इंस्टीट्यूट में बुलाया गया।
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समिट में बिट्स पिलानी, दिल्ली तकनीकी विवि, एसआरएम विवि, एनआईटी, अन्नामलई विवि के छात्र शामिल हुए।

इस मौके पर माइक्रोसॉफ्ट के हेड एकेडमिक इनिशिएटिव्स वेंकेटेश पैठनकर, मैनेजर एमएसपी आदित्य मोहन, इंटेल कारपोरेशन के सॉफ्टवेयर बिजनेस मैनेजर पराग पैथान्कर, कमश्योर नॉलेज सोल्यूशन से तेजा गुडलुरू, इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एण्ड कम्यूनिकेशन से प्रभजोत सिंह बख्शी, नोकिया कारपोरेशन इंडिया की हेड एकेडमिक एंड डेवलपर आउटरिच प्रोग्राम संगीता बावी, तुलाज के चेयरमैन सुनील जैन, सिल्की जैन, रौनक जैन, प्रो. प्रमोद कुमार व पंकज कुमार जैन भी उपस्थित रहे।

ग्रांट पर सॉफ्टवेयर
युवाओं को आईटी क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने ‘बाई स्पार्क’ कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में बेहतर काम करने वाले युवाओं को कंपनी की ओर से तीन वर्ष तक ग्रांट पर सभी सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराए जाते हैं।

कंपनी के हेड एकेडमिक वेंकेटेश ने बताया कि तीन साल तक ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को कंपनी लगातार पूरा सपोर्ट करेगी।

सभी कॉलेजों को ‘स्पार्क की’
सभी एआईसीटीई एप्रूव्ड कॉलेजों को माइक्रोसॉफ्ट की ओर से ‘ड्रीम स्पार्क’ कार्यक्रम के तहत एक ‘स्पार्क की’ दी जाती है। कॉलेजों के मार्फत हर स्कूल का आईटी से जुड़ा छात्र इसके माध्यम से माइक्रोसॉफ्ट के सभी ऑनलाइन उपलब्ध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल नए एप्स बनाने में कर सकता है।


दून में संभावनाएं
आईटी कंपनियों का कहना है कि आईटी के लिहाज से दून, अहमदाबाद, जयपुर में काफी संभावनाएं हैं। नोकिया की अधिकारी संगीता बावी ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट की तर्ज पर वह भी कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले युवाओं को तलाश रही हैं।

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