फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   student leader climb on tower dehradun.

साढ़े 7 घंटे में खत्म हुई छात्र नेताओं की नौटंकी

Wed, 17 Dec 2014 11:24 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 17 Dec 2014 11:24 AM IST
विज्ञापन
student leader climb on tower dehradun.

देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में सांध्य कक्षा पर मंगलवार दोपहर 12 बजे शुरू हुई नौटंकी शाम साढ़े सात बजे मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद खत्म हुई।

विज्ञापन


सुबह कॉलेज में हंगामा करने के बाद छात्र नेता दोपहर में मोबाइल टॉवर पर जा चढ़े। शुरूआत एनएसयूआई के नेता ने की। साथ दिया आर्यन ग्रुप के नेताओं ने। मामले में पिछड़ता देख एबीवीपी के नेता भी दूसरे टॉवर पर चढ़ गए।
विज्ञापन


सभी की एक ही मांग की मुख्यमंत्री बातचीत करें। शाम को मुख्यमंत्री ने छात्र नेताओं का प्रतिनिधि मंडल बुलाकर बात की और उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद सभी बीरू टॉवर से नीचे आ गए। सांध्य कालीन कक्षाएं शुरू हो न हों लेकिन छात्र संगठनों ने इसके बहाने अपनी सियासत कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो टावरों पर चढ़े थे छह छात्र नेता
दाखिलों की प्रक्रिया शुरू नहीं होने के विरोध में एनएसयूआई, आर्यन ग्रुप और एबीवीपी के छात्र नेता अलग-अलग टावरों पर चढ़ गए। पूरे दिन चले ड्रामे के बाद देर शाम मुख्यमंत्री हरीश रावत के आश्वासन पर छात्र नेता नीचे उतर आए। उधर, उग्र छात्रों ने कालेज में लगी हाजिरी मशीन तोड़कर फेंक दी, जिससे शिक्षकों की हाजिरी नहीं हो पाई।

सोमवार को कॉलेज बंद कराने के बाद मंगलवार सुबह एनएसयूआई, एबीवीपी और आर्यन ग्रुप के छात्र नेताओं ने प्राचार्य का घेराव किया। मांग पूरी न होते देख छात्रों ने कॉलेज बंद करा दिया।

करीब 12 बजे आर्यन और एबीवीपी की ओर से कॉलेज के गेट पर धरना दिया जा रहा था, तभी एनएसयूआई नेता मोहन भंडारी पेट्रोल लेकर कॉलेज के निकट स्थित बीएसएनएल के टावर पर चढ़ गया। वह सांध्यकालीन कक्षा में 3815 सीटों पर दाखिले, शिक्षकों की नियुक्ति, कक्षा का समय दो बजे से करने मांग कर रहा था।

मोहन ने आत्मदाह की धमकी दी तो वहां अफरातफरी मच गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। इस बीच आर्यन ग्रुप के आकाश गौड़ और सूरज कोहली पुलिस की मौजूदगी में टावर पर चढ़ गए। मामले में खुद को पिछड़ता देख एबीवीपी के नेता भी सक्रिय हो गए।

डीएवी के पूर्व अध्यक्ष सिद्धार्थ राणा और देवेंद्र बिष्ट दुपहर 2:10 बजे सर्वे चौक स्थित सॉफ्टेल टेक्नोलॉजी के टावर पर चढ़ गए। यहां भी पुलिस की मौजूदगी में 3:24 बजे एक अन्य छात्र नेता नरेंद्र शर्मा टावर पर चढ़ गया। तीनों देर शाम तक टावर पर जमे हुए थे, जबकि एबीवीपी के बाकी नेता विकास भवन के पास धरने पर बैठे हुए थे।

छात्रों का प्रतिनिधिमंडल शाम को सीएम हरीश रावत से मुलाकात के लिए पहुंचा। सीएम ने कालेज प्रबंधन और प्राचार्य से इस संबंध में बात की। उन्होंने टावर पर बैठे छात्र नेताओं से भी बात की और आश्वासन दिया कि बुधवार को प्रबंधन, छात्र नेता और सरकार के बीच बैठक में इस मामले पर फैसला कर लिया जाएगा।

इसके साथ ही दाखिले शुरू करवा दिए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद सभी छात्र नेता टावर से उतर आए। नीचे उतरने के बाद एबीवीपी नेता देवेंद्र बिष्ट बेहोश हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

डीएवी में सांध्यकालीन कक्षा अवैध!
डीएवी कॉलेज में सांध्यकालीन कक्षाओं पर रोजाना हंगामा हो रहा है, वहीं कॉलेज प्रबंधन ने इस व्यवस्था को अवैध करार दे दिया है। सहसचिव मानवेंद्र स्वरूप का कहना है कि सांध्यकालीन कक्षाओं के संचालन के लिए प्रबंधन से अनुमति ही नहीं ली गई।

इस मामले में उन्होंने प्राचार्य को पत्र भेजकर कड़ा एतराज जताया है। प्रबंधन ने इस मामले के अलावा फर्जी दाखिलों और मेरिट में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए समिति गठित की है। प्रबंधन सहसचिव मानवेंद्र स्वरूप की ओर से 13 दिसंबर को प्राचार्य को यह पत्र भेजा गया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन की अनुमति के बाद ही सांध्यकालीन कक्षाएं शुरू की जा सकती हैं।

 
इसलिए यह कक्षाएं फिलहाल अवैधानिक हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में हुई अब तक कार्रवाई से न तो प्राचार्य ने प्रबंधन को अवगत कराया न अनुमति ली। यह नीतिगत मामला है, जिसमें प्रबंधन ही फैसला ले सकता है। शासन या विवि भी प्रबंधन समिति की मांग पर ही विचार कर सकता है।

सब जानकर भी अंजान
सहसचिव के पत्र के बाद प्रबंधन भी सवालों के घेरे में है। पहला सवाल यह है कि सांध्यकालीन कक्षा की व्यवस्था कई महीने पहले लागू हो चुकी है, लेकिन प्रबंधन अब तक चुप क्यों था। जबकि, सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन तक इस मामले में पूरा अपडेट पहुंच रहा था। प्राचार्य डा. देवेंद्र भसीन ने कहा कि अभी जांच चल रही है, इसलिए कुछ भी कहना मुश्किल है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed