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स्कॉलरशिप के लिए आज से भूख हड़ताल करेंगे छात्र
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 23 Oct 2015 03:44 AM IST
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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) के नॉन-नेट रिसर्च स्कॉलरशिप खत्म करने के विरोध में धरने पर बैठे जेएनयू छात्रसंघ के छात्रों ने सरकार को फैसला वापस लेने के लिए शुक्रवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया है। उन्होंने कहा कि तय समय तक नॉट नेट रिसर्च स्कॉलरशिप शुरू नहीं की गई तो वह एफटीटीआई की तर्ज पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर देंगे।
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इससे पहले बृहस्पतिवार को छात्र यूजीसी भवन में लगातार दूसरे दिन धरने पर बैठे रहे। धरने में बैठे छात्राओं का आरोप है कि यूजीसी और दिल्ली पुलिस उन्हें भवन के अंदर बने बाथरूम का प्रयोग करने नहीं दे रही है।
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मालूम हो कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ, डीएसएफ और आइसा की ओर से बुधवार दोपहर आईटीओ स्थित यूजीसी भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था, जो कि बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। उग्र भीड़ ने यूजीसी गेट तोड़ दिया था और भवन के अंदर बैठकर लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं। जेएनयू छात्रसंघ की उपाध्यक्ष शेहला राशिद के मुताबिक, हमारी मांग पूरी न होने पर हम शुक्रवार सुबह 11 बजे से अनिश्चिकालीन भूख हड़ताल पर चले जाएंगे।
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बता दें कि एमफिल व पीएचडी छात्रों को नॉन-नेट रिसर्च स्कॉलरशिप मिलती थी, इसके तहत एमफिल के छात्रों को प्रति महीना पांच हजार और पीएचडी छात्रों को आठ हजार रुपये मिलते थे।
डूटा ने भी किया यूजीसी के फैसले का विरोध
यूजीसी के नॉन-नेट स्कॉलरशिप खत्म करने के फैसले के खिलाफ छात्रों के विरोध के बाद अब दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) भी इस फैसले के विरोध में आ गया है।
डूटा ने यूजीसी के इस फैसले की निंदा की है। डूटा अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण के मुताबिक हजारों शोध छात्र इसी स्कॉलरशिप से शोध करने में सक्षम होते हैं। यूजीसी के इस कदम से छात्र अनुसंधान करने में न्यूनतम समर्थन से भी वंचित हो जाएगा।
डूटा इस यूजीसी केइस कदम को केंद्रीय बजट में उच्च शिक्षा के बजट में कटौती के परिणाम के रुप में देख रही है। डूटा ने यूजीसी को इस कदम को तत्काल रद्द करने की मांग की है।