20 छात्र संगठन, 12 पोस्टर साइट, होगी टफ फाइट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) छात्र काउंसिल चुनाव की उल्टी गिनती लगभग शुरू हो गई है। पहली बार रिकार्ड 20 से अधिक छोटे-बड़े छात्र संगठन चुनावी मैदान में उतरेंगे, लेकिन छात्र संगठनों को इस बार चुनाव प्रचार में खासी दिक्कत आने वाली है। बड़ी रैलियों पर पीयू ने बैन लगा दिया है। साथ ही पीयू कैंपस में पोस्टर लगाने के लिए लगे बोर्ड कम पड़ गए हैं।
छात्र नेताओं को दीवारों पर पोस्टर लगाने पर लाखों का जुर्माना लग रहा है, तो पोस्टर लगाने की जगह को लेकर भी छात्र नेताओं में तनातनी शुरू हो गई है। रात को एक छात्र नेता का पोस्टर लगता है तो दिन में दूसरी पार्टी के लोग उसपर पोस्टर बदल देते हैं।
चुनाव की तिथि नजदीक आते ही पीयू कैंपस में पोस्टर वार ओर तेजी से शुरू हो जाएगा। पीयू प्रशासन ने पीयू कैंपस के विभिन्न डिपार्टमेंट, हॉस्टल और लाइब्रेरी के सामने 10 से 12 बड़े बोर्ड पोस्टर छात्र संगठनों की डिमांड पर लगवाए थे।
चुनावी रणनीति बनाने का दौर शुरू
पीयू छात्र काउंसिल चुनाव को लेकर कैंपस में छात्र राजनीति तेज हो गई है। पीयू अधिकारियों द्वारा सितंबर के पहले हफ्ते में चुनाव करने की अनौपचारिक घोषणा के बाद रविवार से ही कैंपस में चुनावी माहौल तेज हो गया है।
सभी छात्र संगठनों के नेताओं ने चुनाव में समय कम रहने के कारण रणनीति बनानी शुरू कर दी है। दिन भर कैंपस नेताओं की चुनाव में गठजोड़, चुनाव में उम्मीदवारों के चयन और चुनाव प्रचार को लेकर मीटिंग का दौर शुरू हो गया।
आज से शुरू हुआ चुनाव प्रचार
पीयू छात्र संगठनों के पास चुनाव प्रचार के लिए काफी कम समय मिल पाएंगे। ऐसे में चुनाव की तिथि घोषित होने से पहले ही सभी छात्र संगठनों ने चुनावी ताल ठोक दी है।
आज से पीयू कैंपस खुल गया और सभी छात्र संगठन चुनावी प्रचार की तैयारियों में जुट जाएंगे। सभी छात्र संगठनों ने चुनावी प्रचार के काम के लिए अलग-अलग कमेटी बना दी हैं।
चुनाव को प्रशासन, पुलिस की हरी झंडी
सूत्रों के अनुसार पीयू प्रशासन द्वारा 5 सितंबर को चुनाव करने के अनुरोध को चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस से हरी झंडी दे दी है, लेकिन अधिकारिक तौर पर सोमवार दोपहर बाद या मंगलवार को चिट्ठी जारी होने की उम्मीद है। पीयू प्रशासनिक अधिकारियों भी मान रहे हैं कि चुनाव में देरी से हिंसक घटनाऐं बढ़ेंगी।
पीयू में किसी भी पार्टी के नाम से बोर्ड अलॉट नहीं किया जाएगा। पीयू प्रशासन ने कैंपस में सभी प्रमुख जगहों पर 10 से 12 बोर्ड लगाए हैं। चुनाव प्रचार के लिए इतनी जगह काफी है। लिंगदोह में प्रिंट पोस्टर लगाने पर भी बैन है।
डा.जितेंद्र ग्रोवर, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर पंजाब यूनिवर्सिटी