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पीयू शिक्षकों की हड़ताल खत्म, लागू होगी रोटेशन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Feb 2014 01:16 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (यूआईएलएस) पांच वर्षीय लॉ विभाग में अब डायरेक्टर पद पर रोटेशनशिप लागू होगी।
इस मामले को लेकर डॉ. अजय रंगा और सीनेटर विरेंद्र गिल की भूख हड़ताल मंगलवार देर शाम खत्म हो गई। पीयू कुलपति के साथ हुई बैठक के बाद भूख हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया।
मामले को लेकर दो दिन से पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन और शिक्षकों के बीच जबर्दस्त तनातनी का माहौल बनता जा रहा था। देर शाम करीब आठ बजे वीसी दफ्तर के सामने टैंट लगाकर धरने पर बैठे शिक्षकों ने धरना वापस लेने का ऐलान किया। भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों को जूस पिलाकर विरोध प्रदर्शन खत्म करवा दिया गया।
डायरेक्टर ने भरी हामी
जानकारी के अनुसार यूआईएलएस डायरेक्टर प्रो. संगीता भल्ला ने फैकल्टी के साथ मीटिंग कर रोटेशनशिप पर सहमति दे दी है। इस संबंध में वीसी को सौंपे पत्र में प्रो. संगीता ने इस पर हामी भर दी है।
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यूआईएलएस विभाग के डॉ. अजय रंगा के भूख हड़ताल पर बैठने के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हो था, ऐसे में मगंलवार को प्रो. संगीता ने विभाग की फैकल्टी के साथ मीटिंग कर उनकी राय जानी और फिर मामले में खुद कुलपति को पत्र सौंप दिया।
उधर, पीयू के यूआईईटी डायरेक्टर प्रो. रेणू विज ने भी लिखित में उनके इंस्टीट्यूट में हेडशिप लागू करने पर सहमति दे दी है।
कई इंस्टीट्यूट डायरेक्टर की कुर्सी खतरे में
मंगलवार को यूआईएलएस में रोटेशनशिप पर सहमति होने के बाद पीयू के कई इंस्टीट्यूट में तैनात डायरेक्टर की कुर्सी भी खतरे में है।
यूआईएलएस में अगर हेडशिप रोटेशन के तहत होगी तो अन्य में भी इसी प्रक्रिया को फॉलो करना पड़ेगा। ऐसे में सीनेट के दोनों गुट के समर्थकों को जोर का झटका लग सकता है।
प्रोफेसर की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव
पीयू कुलपति और शिक्षकों में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि यूआईएलएस में डायरेक्टर पद पर रोटेशनशिप को लागू किया जाएगा। साथ ही हेडशिप के लिए प्रोफेसर की अनिवार्यता को भी खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया है।
कुलपति ने 15-20 दिन में इस संबंध में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करने और आदेश जारी करने का शिक्षकों को आश्वासन दिया है। उधर इस मामले में अभी 22 फरवरी को पीयू सिंडीकेट में फैसला होगा। यूआईएलएस डायरेक्टर रोटेशनशिप का मामला सिंडीकेट एजेंडे में शामिल है।
यूआईएलएस फैकल्टी की ओर से कुलपति को इंस्टीट्यूट में रोटेशनशिप लागू करने की चिट्ठी दी है। इस मामले में कुलपति और अन्य फैकल्टी मेंबर की सकारात्मक वार्ता के बाद भूख हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया है।
केशल मल्होत्रा (पीयू सीनेटर)
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इस मामले को लेकर डॉ. अजय रंगा और सीनेटर विरेंद्र गिल की भूख हड़ताल मंगलवार देर शाम खत्म हो गई। पीयू कुलपति के साथ हुई बैठक के बाद भूख हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया।
मामले को लेकर दो दिन से पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन और शिक्षकों के बीच जबर्दस्त तनातनी का माहौल बनता जा रहा था। देर शाम करीब आठ बजे वीसी दफ्तर के सामने टैंट लगाकर धरने पर बैठे शिक्षकों ने धरना वापस लेने का ऐलान किया। भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षकों को जूस पिलाकर विरोध प्रदर्शन खत्म करवा दिया गया।
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डायरेक्टर ने भरी हामी
जानकारी के अनुसार यूआईएलएस डायरेक्टर प्रो. संगीता भल्ला ने फैकल्टी के साथ मीटिंग कर रोटेशनशिप पर सहमति दे दी है। इस संबंध में वीसी को सौंपे पत्र में प्रो. संगीता ने इस पर हामी भर दी है।
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यूआईएलएस विभाग के डॉ. अजय रंगा के भूख हड़ताल पर बैठने के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण हो था, ऐसे में मगंलवार को प्रो. संगीता ने विभाग की फैकल्टी के साथ मीटिंग कर उनकी राय जानी और फिर मामले में खुद कुलपति को पत्र सौंप दिया।
उधर, पीयू के यूआईईटी डायरेक्टर प्रो. रेणू विज ने भी लिखित में उनके इंस्टीट्यूट में हेडशिप लागू करने पर सहमति दे दी है।
कई इंस्टीट्यूट डायरेक्टर की कुर्सी खतरे में
मंगलवार को यूआईएलएस में रोटेशनशिप पर सहमति होने के बाद पीयू के कई इंस्टीट्यूट में तैनात डायरेक्टर की कुर्सी भी खतरे में है।
यूआईएलएस में अगर हेडशिप रोटेशन के तहत होगी तो अन्य में भी इसी प्रक्रिया को फॉलो करना पड़ेगा। ऐसे में सीनेट के दोनों गुट के समर्थकों को जोर का झटका लग सकता है।
प्रोफेसर की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव
पीयू कुलपति और शिक्षकों में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि यूआईएलएस में डायरेक्टर पद पर रोटेशनशिप को लागू किया जाएगा। साथ ही हेडशिप के लिए प्रोफेसर की अनिवार्यता को भी खत्म करने का प्रस्ताव रखा गया है।
कुलपति ने 15-20 दिन में इस संबंध में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करने और आदेश जारी करने का शिक्षकों को आश्वासन दिया है। उधर इस मामले में अभी 22 फरवरी को पीयू सिंडीकेट में फैसला होगा। यूआईएलएस डायरेक्टर रोटेशनशिप का मामला सिंडीकेट एजेंडे में शामिल है।
यूआईएलएस फैकल्टी की ओर से कुलपति को इंस्टीट्यूट में रोटेशनशिप लागू करने की चिट्ठी दी है। इस मामले में कुलपति और अन्य फैकल्टी मेंबर की सकारात्मक वार्ता के बाद भूख हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया गया है।
केशल मल्होत्रा (पीयू सीनेटर)