{"_id":"91764d100a7f118d31bd5c831276b49b","slug":"story-book-release-in-okerij-school-by-khushwant-singh","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओकरिज के बच्चों की कहानियां बनी किताब","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
ओकरिज के बच्चों की कहानियां बनी किताब
अमर उजाला, मोहाली
Updated Mon, 18 Nov 2013 12:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ओकरिज स्कूल में यहीं के विद्यार्थियों द्वारा लिखी पुस्तक का विमोचन किया गया। 45 लघु कहानियों की इस किताब का विमोचन लेखक खुशवंत सिंह ने किया।
ये कहानियां स्कूल के ही 8-14 साल के बच्चों ने लिखी हैं। किताब का नाम द एक्रॉन बुक ऑफ अमेजिंग स्टोरी रखा गया है।
इस किताब के लिए ओकरिज स्कूल की देश भर की सभी ब्रांचों के 8-14 साल के बच्चों के बीच कहानी मुकाबला कराया गया था। जिनमें से सर्वश्रेष्ठ 45 कहानियों को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया है। खुशवंत सिंह भी कुछ कहानियां पढ़ने के बाद बच्चों की की कल्पना और प्रतिभा के कायल हो गए।
उन्होंने कहा कि अक्सर कहानियां असल जिंदगी से निकलती हैं। परंतु बच्चों की कहानी लेखन की शैली प्रभावशाली है। प्रिंसिपल प्रांजला दत्ता ने सभी का स्वागत करते हुए पुस्तक के बारे में बताया। उन्होंने कहानियों के लेखकों को बधाई देते हुए प्रतिभा को और बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
ये कहानियां स्कूल के ही 8-14 साल के बच्चों ने लिखी हैं। किताब का नाम द एक्रॉन बुक ऑफ अमेजिंग स्टोरी रखा गया है।
इस किताब के लिए ओकरिज स्कूल की देश भर की सभी ब्रांचों के 8-14 साल के बच्चों के बीच कहानी मुकाबला कराया गया था। जिनमें से सर्वश्रेष्ठ 45 कहानियों को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया है। खुशवंत सिंह भी कुछ कहानियां पढ़ने के बाद बच्चों की की कल्पना और प्रतिभा के कायल हो गए।
उन्होंने कहा कि अक्सर कहानियां असल जिंदगी से निकलती हैं। परंतु बच्चों की कहानी लेखन की शैली प्रभावशाली है। प्रिंसिपल प्रांजला दत्ता ने सभी का स्वागत करते हुए पुस्तक के बारे में बताया। उन्होंने कहानियों के लेखकों को बधाई देते हुए प्रतिभा को और बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन