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स्टाफ कोटे से कम हो रही सामान्य वर्ग की सीटें
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 16 Jan 2016 08:40 PM IST
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निजी स्कूलों में नर्सरी केलिए जारी आवेदन रेस में अब स्टॉफ कोटे की एंट्री से सामान्य वर्ग की सीटें कम होती दिख रही हैं।
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दिल्ली सरकार द्वारा कुछ मानकों में बदलाव करने के निर्देश केबाद स्कूल अब स्टॉफ कोटे को अपने मानकों में शामिल कर रहे हैं। कुछ स्कूलों ने दाखिले के लिए 100 अंकों के फॉर्मूले में इस मानक को शामिल किया है, इस कारण से सामान्य के लिए सीटें कम हो रही हैं। स्कूलों में स्टॉफ कोटे के तहत 10-20 अंक तक दिए जा रहे हैं।
सामान्य वर्ग केअभिभावकों को इस कोटे से परेशानी हो रही है। सामान्य वर्ग केअभिभावकों की समस्याओं को सुलझाने के लिए पीतमपुरा स्थित पी.पी इंटरनेशनल स्कूल में लगाए गए हेल्प डेस्क में काफी संख्या में अभिभावकों ने बताया कि स्टॉफ कोटे के आने से उनकी सीटें कम हो रही हैं, क्योंकि हर कोई अभिभावक किसी स्कूल में कार्य नहीं करता और इस कारण से उसे सीधे तौर पर स्टॉफ कोटे के अंक नहीं मिल रहे हैं।
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इस कारण से स्कूल में दाखिले केचांस कम हो रहें हैं। एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि हेल्प डेस्क में सबसे ज्यादा इसी बात को लेकर अभिभावकों को आपत्ति थी कि स्टॉफ कोटे के कारण उनकी सीट पक्की नहीं हो रही।
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उन्होंने बताया कि दरअसल कुछ स्कूल सरकार के आदेश के बाद मानकों में बदलाव कर रहे हैं। स्कूलों ने मानकों में बदलाव कर उसे स्टॉफ कोटे में परिवर्तित कर दिया है।
अभिभावकों को दुविधा, सोमवार का इंतजार
मैनेजमेंट कोटे को लेकर निजी स्कूलों केकोर्ट में याचिका डालने से अभिभावकों में काफी दुविधा है। खासकर ऐसे अभिभावक असमंजस में हैं जिन्होंने आवेदन कर दिया है और स्कूल अब मानकों में बदलाव कर रहे हैं।
अब अभिभावकों को सोमवार का इंतजार है। जब निजी स्कूलों की याचिका पर सुनवाई होनी है। अभिभावक चाहते हैं कि जल्द ही पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट हो जाए जिससे कि वह इस बात से निश्चिंत हो जाए कि पुराना फॉर्म मान्य होगा और उनके बच्चे का दाखिला हो जाएगा।