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श्रीदेव सुमन विवि की प्राइवेट परीक्षाओं पर छाया अंधियारा
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 16 Nov 2015 04:15 PM IST
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श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय की बीए, बीकॉम, एमए, एमकॉम की प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्रों की परीक्षाओं में इस बार अंधियारा छाया है।
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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है, जबकि शासन की तरफ से श्रीदेव सुमन विवि के पत्र का भी कोई जवाब नहीं भेजा गया। ऐसे में यह तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है कि इन छात्रों की परीक्षाएं श्रीदेव सुमन विवि कराएगा या मुक्त विवि।
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अभी तक गढ़वाल मंडल में प्राइवेट परीक्षा श्रीदेव सुमन विवि की ओर से कराई जाती रही हैं। इस साल उत्तराखंड मुक्त विवि ने ये जिम्मेदारी खुद मांगी थी। मुक्त विवि ने इस संबंध में शासन और राजभवन को पत्र भी भेजा था।
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शासन स्तर पर इस संबंध में दो महीने पहले चर्चा हुई थी और आगे की कार्यवाही के लिए एक समिति का गठन किया था। लेकिन, बात इससे आगे नहीं बढ़ पाई। इसी वजह से श्रीदेव सुमन विवि की ओर से प्राइवेट परीक्षाओं का आयोजन भी अधर में लटक गया।
अब तक प्राइवेट परीक्षाएं कराए जाने के लिए न तो मुक्त विवि को ही कोई निर्देश मिल पाए हैं और न ही श्रीदेव सुमन विवि को। श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डॉ. यूएस रावत ने इस संदर्भ में शासन को पत्र भेजा है, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
उन्होंने पत्र में इस बात का भी हवाला दिया है कि अगर प्राइवेट परीक्षाएं उन्हें करानी हैं तो इसके लिए कम से कम डेढ़ महीने का वक्त चाहिए। पहले परीक्षा फॉर्म छपवाए जाएंगे, इसके बाद उनकी बिक्री और वापसी में भी वक्त चाहिए। ऐसे में यदि जल्द परीक्षाओं की तस्वीर साफ न हुई तो प्राइवेट परीक्षा की उम्मीद पाले युवाओं को झटका लग सकता है।