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बीए टॉपर्स की जुबानी उनकी सफलता की कहानी

Sun, 13 Jul 2014 10:00 AM IST
Updated Sun, 13 Jul 2014 10:00 AM IST
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Special interview with BA toppers of himachal pradesh university

बीए में टॉपर रहीं सेंट बीड्स कॉलेज की छात्रा आस्था अपने पापा बीसी बढालिया सचिव एचपी पब्लिक सर्विस कमीशन की राह पर चलकर प्रशासनिक अधिकारी बनना चाहती हैं। उनके पापा के साथ ही दादा भी आईएएस अधिकारी थे।

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मूलतया कांगड़ा की रहने वाली आस्था आईएफएस और आईएएस बनना चाहती हैं। बचपन से उनका यह ख्वाब है। आस्था ने एमए साइकोलॉजी में दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रवेश पा लिया है।
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वह अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपनी माता बिंदू बढालिया और पिता बीसी बढालिया और शिक्षकों को देती हैं। आस्था का मूल मंत्र अपने लक्ष्य को निर्धारित कर पूरी कर्मठता से उसकी प्राप्ति के लिए प्रयास करना है।
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गरिमा बनेंगी साइकोलॉजी की प्रोफेसर

Special interview with BA toppers of himachal pradesh university

हमीरपुर की रहने वाली सेंट बीड्स कॉलेज की छात्रा गरिमा सेन प्रोफेसर बनना चाहती हैं। उन्हें मेरिट में दूसरा सथान मिला है। अपनी माता की तरह वह भी एक आदर्श शिक्षिका बनकर राष्ट्र निर्माण में सहयोग करना चाहती हैं।

एमए साइकोलॉजी में पंजाब यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने के बाद वह आगे की पढ़ाई कर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं। गरिमा अपनी इस सफलता का श्रेय माता कॉलेज शिक्षिका और अधिवक्ता पिता पवन चंद सेन, शिक्षकों और दोस्तों को देती हैं। माता-पिता की तरह से अपने क्षेत्र में आगे बढ़ना ही उनका लक्ष्य है।

टीचर बनना चाहती है अंजलि

Special interview with BA toppers of himachal pradesh university

दौलतपुर चौक कॉलेज की छात्रा अंजली जरियाल ने 827 अंक लेकर बीए फाइनल ईयर में प्रदेश में तीसरा स्थान पाया है। वह गगरेट विस क्षेत्र के दुर्गम क्षेत्र संघनेई के कालापंगा की रहने वाली हैं। हर रोज 12 किमी पैदल आना-जाना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल है।

फिर भी कड़ी मेहनत, लगन से यह मुकाम हासिल किया। उनके पिता लैब अटेंडेंट हैं, माता गृहिणी हैं। अंजली ने बताया कि वह एमएससी गणित की पढ़ाई कर अध्यापक बनना चाहती हैं। अपनी सफलता का श्रेय प्राचार्य आरपी भारद्वाज, प्रो. अजय सहगल, पहले प्राचार्य रहे डा. डीके शर्मा, डा. सतीश कंवर, प्रो. राकेश, स्वर्गीय प्रो. टीआर शर्मा, प्रो. सुशील जरियाल एवं माता-पिता को दिया है।

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