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'आप' उम्मीदवार गुल पनाग उतरीं एसएफएस के समर्थन में
सुमित सिंह श्यौराण/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Mar 2014 08:24 PM IST
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चंडीगढ़ से आप की उम्मीदवार गुल पनाग एसएफएस कार्यकर्ताओं के समर्थन में पंजाब यूनिवर्सिटी पहुंचीं। गुल पनाग का कहना है कि वे पूरी तरह से स्टूडेंट्स के साथ हैं और उनका समर्थन करती हैं।
उन्होंने कहा कि पीयू प्रशासन स्टूडेंट्स के साथ नाइंसाफी कर रहा है। प्रशासन को जल्द से जल्द से अपना फैसला वापिस लेना चाहिए। इससे हजारों स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी।
गुल पनाग ने कहा कि स्टूडेंट्स को उनका समर्थन करना कोई राजनीतिक दाव नहीं है। वे पीयू की पुरानी स्टूडेंट्स हैं, इसलिए उनका साथ देने आई हैं। उनके साथ हो रहे अन्याय का विरोध करने आई हैं।
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पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में वीसी डॉ. अरूण ग्रोवर के ऑफिस के बाहर एसएफएस कार्यकर्ताओं एवं स्टूडेंट्स का विरोध प्रदर्शन जारी है। करीब 400 स्टूडेंट्स वीसी ऑफिस के बाहर जुटे हुए हैं और विरोध स्वरूप नारेबाजी कर रहे हैं।
हंगामा बढ़ता देख प्रशासन ने वहां पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिए हैं। स्थिति को देखते हुए डीएसडब्ल्यू अधिकारी नवदीप गोयल अन्य अधिकारियों संग मौके पर पहुंचे और स्टूडेंट्स से बात की।
स्टूडेंट्स की मांग है कि पुलिस कांस्टेबल से छेड़छाड़ और बदसलूकी मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 9 स्टूडेंट्स के खिलाफ मामला वापिस लिया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इससे पहले सुबह नौ छात्रों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए आज एसएफएस कार्यकर्ताओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और विभागों में जाकर चल रही कक्षाएं बंद करा दीं।
गौरतलब है कि बीते दिन दोपहर बाद एक महिला कांस्टेबल द्वारा एसएफएस के नौ विद्यार्थियों के खिलाफ बदसलूकी और छेड़छाड़ करने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी 9 स्टूडेंट्स को गिरफ्तार कर लिया था। शिकायत में पुलिस कार्य में बाधा डालने जैसी धाराएं शामिल हैं।
गिरफ्तार हुए 9 स्टूडेंट्स में एसएफएस प्रेसिडेंट अरीश, दमन, सचिनंद्रपाल पाली, साहिल, गुरप्रीत, धमेंद्र सिंह आदि शामिल हैं। बता दें कि एसएफएस छात्र नेता 23 दिनों से पीयू प्रशासन द्वारा आगामी सत्र से प्रथम वर्ष की फीस में 10 से 20 फीसदी का विरोध प्रदर्शन कर कर रहे थे। वीसी दफ्तर के सामने एसएफएस नेता परविंदर सिंह 6 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे थे।
इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर दमन करने के लिए स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज किया और महिला कांस्टेबल के साथ यह मामला हुआ। हालांकि इस समय पीयू कैम्पस में धारा 144 लगी हुई है, बावजूद इसके विरोध प्रदर्शन जारी है।
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उन्होंने कहा कि पीयू प्रशासन स्टूडेंट्स के साथ नाइंसाफी कर रहा है। प्रशासन को जल्द से जल्द से अपना फैसला वापिस लेना चाहिए। इससे हजारों स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी।
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गुल पनाग ने कहा कि स्टूडेंट्स को उनका समर्थन करना कोई राजनीतिक दाव नहीं है। वे पीयू की पुरानी स्टूडेंट्स हैं, इसलिए उनका साथ देने आई हैं। उनके साथ हो रहे अन्याय का विरोध करने आई हैं।
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पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में वीसी डॉ. अरूण ग्रोवर के ऑफिस के बाहर एसएफएस कार्यकर्ताओं एवं स्टूडेंट्स का विरोध प्रदर्शन जारी है। करीब 400 स्टूडेंट्स वीसी ऑफिस के बाहर जुटे हुए हैं और विरोध स्वरूप नारेबाजी कर रहे हैं।
हंगामा बढ़ता देख प्रशासन ने वहां पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिए हैं। स्थिति को देखते हुए डीएसडब्ल्यू अधिकारी नवदीप गोयल अन्य अधिकारियों संग मौके पर पहुंचे और स्टूडेंट्स से बात की।
स्टूडेंट्स की मांग है कि पुलिस कांस्टेबल से छेड़छाड़ और बदसलूकी मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 9 स्टूडेंट्स के खिलाफ मामला वापिस लिया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इससे पहले सुबह नौ छात्रों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए आज एसएफएस कार्यकर्ताओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और विभागों में जाकर चल रही कक्षाएं बंद करा दीं।
गौरतलब है कि बीते दिन दोपहर बाद एक महिला कांस्टेबल द्वारा एसएफएस के नौ विद्यार्थियों के खिलाफ बदसलूकी और छेड़छाड़ करने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी 9 स्टूडेंट्स को गिरफ्तार कर लिया था। शिकायत में पुलिस कार्य में बाधा डालने जैसी धाराएं शामिल हैं।
गिरफ्तार हुए 9 स्टूडेंट्स में एसएफएस प्रेसिडेंट अरीश, दमन, सचिनंद्रपाल पाली, साहिल, गुरप्रीत, धमेंद्र सिंह आदि शामिल हैं। बता दें कि एसएफएस छात्र नेता 23 दिनों से पीयू प्रशासन द्वारा आगामी सत्र से प्रथम वर्ष की फीस में 10 से 20 फीसदी का विरोध प्रदर्शन कर कर रहे थे। वीसी दफ्तर के सामने एसएफएस नेता परविंदर सिंह 6 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे थे।
इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शन कर दमन करने के लिए स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज किया और महिला कांस्टेबल के साथ यह मामला हुआ। हालांकि इस समय पीयू कैम्पस में धारा 144 लगी हुई है, बावजूद इसके विरोध प्रदर्शन जारी है।