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वीसी की सीएम से शिकायत पढ़िए क्यों?
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 25 Aug 2014 09:01 AM IST
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प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के कुलपति, प्रति कुलपति और कुल सचिव के खिलाफ एसएफआई ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को शिकायत पत्र भेजा है। यह पत्र एसएफआई के राज्य अध्यक्ष सुरेश और सचिव मुनीष ने लिखा है।
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पत्र में तीनों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं और इनके काम की समीक्षा की मांग भी की है। कुल सचिव के पद पर वरिष्ठ एचएएस अधिकारी की तैनाती की मांग भी की है।
आरोप लगाया है कि ये तीनों मुख्य अधिकारी यूजीसी से आईआईएचएस को नए कोर्स शुरू करने और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत जारी करोड़ों की राशि को निर्धारित समय सीमा के भीतर खर्च तक नहीं कर पाए हैं।
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पूर्व यूपीए सरकार के कार्यकाल में मल्टी फैकल्टी भवन को प्रधानमंत्री से मिली करोड़ों की राशि से भवन निर्माण शुरू जरूर हुआ, मगर अभी तक निर्माण कार्य अधूरा है।
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यूजीसी से टूरिज्म विभाग को जारी राशि से तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री ने भवन की आधारशिला रखी, मगर आज तक उसका निर्माण शुरू नहीं करवा पाए।
सहायक आचार्य का पद स्वीकृत कर राशि तक जारी हुई, मगर पद नहीं भरा गया और बजट लैप्स हो गया। यूजीसी से टूरिज्म विभाग में दो शिक्षकों के पद नहीं भरे गए और पैसा लैप्स हो गया है।
पत्र में कुलपति पर कार्यक्रमों की अध्यक्षता करने और फिजूलखर्ची करने में अधिक रुचि लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि तीन वर्ष के कार्यकाल में वे विवि को एक भी रुपया लाने में नाकाम रहे हैं। प्रति कुलपति की नियुक्ति और योग्यता पर सवाल उठाए गए हैं।
कहा गया है कि कुल सचिव के अपने सोशोलॉजी विभाग में 150 से अधिक विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले वे अकेले हैं। उन्हें कुल सचिव के पद पर तैनाती देना विद्यार्थियों से धोखा है।