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'रूसा वापस न किया तो होगा उग्र आंदोलन'
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 16 Jul 2014 09:27 PM IST
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कॉलेजों में यूजी डिग्री में रूसा लागू होने से आम छात्रों को पेश आ रही परेशानियों को देखते हुए एसएफआई ने इसे छात्र विरोधी फैसला करार दिया है। रूसा के खिलाफ एसएफआई ने कॉलेजों में बुधवार से हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है।
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संजौली और आरकेएमवी में बुधवार को एसएफआई ने आम छात्रों को रूसा के खिलाफ खड़ा होने और इसे रोल बैक करने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। आरकेएमवी में एसएफआई इकाई अध्यक्ष प्रियंका सिंगटा और सचिव प्रियंका श्याम की अगुवाई में छात्रा कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। सिंगटा ने कहा कि पहले दिन 300 से अधिक छात्राओं ने हस्ताक्षर कर रूसा का विरोध किया।
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संजौली कॉलेज में इकाई अध्यक्ष यौवन नेगी की अगुवाई में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में पहले दिन 905 छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर इस नई प्रणाली के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। यौवन नेगी और इकाई प्रेस सचिव अमित कुमार ने कहा कि लगातार रूसा से आम छात्र परेशान हो रहा है।
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आठ माह बीतने पर भी प्रथम सत्र का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो पाया है जबकि दूसरे सत्र की परीक्षाएं भी समाप्त होेने वाली हैं। अभियान में इकाई सचिव मनीष शर्मा, चुन्नी लाल, कमलेश, सपना, नेहा, पंकज, अदिति, राहुल, कपिल, रोहित, दीक्षा, अनिता, कुलभूषण, कुलदीप, मोहित, साक्षी, अक्षय, मोहित कौल, रजत, कमल आदि ने हिस्सा लिया।
एसएफआई की राज्य कमेटी ने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग को चेताया है कि यदि रूसा को वापस न किया तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन होगा। एसएफआई के राज्य उपाध्यक्ष बाबू राम ने कहा कि एसएफआई इस नए शैक्षणिक सत्र में हर कॉलेज में रूसा के खिलाफ आम छात्रों, उनके अभिभावकों को साथ लेकर उग्र आंदोलन करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि रूसा लागू होने से मजबूरन छात्रों को निजी संस्थानों की ओर रुख करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। रूसा के लागू होने के बाद से कॉलेज छात्रों की समस्याएं बढ़ गई हैं। क्लास, रूम, शिक्षक जैसी मूलभूत सुविधाओं के बिना इस सिस्टम को लागू कर सीधे तौर पर प्रदेश के कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।