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प्रदेश विश्वविद्यालय में करीब ढाई माह तक लागू धारा-144 के हटते ही बुधवार को एसएफआई फिर गरजी। फीस बढ़ोतरी के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलन को जारी रखते हुए एसएफआई ने धारा हटने के बाद परिसर में पहला धरना-प्रदर्शन किया। पुलिस जवानों के पहरे के बीच शुरू हुए इस आंदोलन में परीक्षाओं के बावजूद कार्यकर्ताओं की अच्छी भीड़ जुटी थी।
एक घंटे से अधिक समय तक पुस्तकालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और विवि प्रशासन के फीस बढ़ोतरी के फैसले का जमकर विरोध किया। एसएफआई छात्र नेताओं ने मंच से ऐलान किया कि सरकार और प्रशासन आंदोलन को समाप्त समझने की भूल न करें।
छात्रों पर फीस का बोझ डाले जाने के बाद यह जन आंदोलन बन चुका है, यह आने वाले समय में और उग्र होगा और इसकी गूंज विधानसभा तक जाएगी। इकाई अध्यक्ष राहुल चौहान और सचिव विक्रम कायथ, पुनीत धांटा, होशियार सिंह और अन्य नेताओं ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि फीस बढ़ोतरी पर गठित की हाईपावर कमेटी की सौंपी रिपोर्ट पर सरकार जल्द फैसला लें।
प्रदर्शन पर ये बोले कुलपति
विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि इनकी प्रवृति ही प्रदर्शन करना है। कहा कि जिनकी फीस बढ़ी है, वे छात्र फीस चुकाकर परीक्षाएं दे रहे हैं। उन्हें और उनके अभिभावकों को इससे कोई आपत्ति नहीं है।
इन छात्र संगठनों के लिए यह एक मुद्दा है और बहाना है। इसलिए वे प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें चरचा में रहना है। कहा कि जिन्हें किसी भी फैसले से आपत्ति है वे हमसे बात करें। सरकार ने बढ़ी फीस पर कोई फैसला नहीं दिया है जो भी फैसला आएगा उसे विवि मानेगा और लागू करेगा।
आ गई फर्जी मार्कशीट मामले की रिपोर्ट
वहीं, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के फर्जी मार्क्सशीट मामले की फेक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें खुलासा किया है कि आरोपी अधिकारी ने ही पुत्र मोह में बिना परीक्षा दिलवाए अपने बेटे की बीए अंतिम वर्ष की मार्कशीट तैयार की थी।
जांच कमेटी को छात्र की परीक्षा का कोई रिकार्ड नहीं मिला। कमेटी ने इसके लिए कहीं न कहीं संबंधित शाखाओं के कर्मचारियों को भी लापरवाही बरतने का दोषी पाया है। हालांकि मामला कंप्यूटर लैब के स्टाफ ने प्रकाश में लाया जरूर था।
इस पर विवि प्रशासन ने संबंधित शाखा और कंप्यूटर लैब के स्टाफ को चेतावनी पत्र जारी किए हैं। इसमें उन्हें भविष्य में सतर्कता बरतने और लापरवाह न रहने को कहा है। ऐसा पाए जाने पर कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
कुलपति ने दिखाई सख्ती
विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने फर्जी मार्क्सशीट तैयार करने वाले अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कहीं है। बीस नवंबर को एसएफआई ने विवि में बीए अंतिम वर्ष में फर्जी मार्कशीट तैयार करने के मामले को उजागर किया था।
इस पर पुलिस में केस भी दर्ज किया था। आरोपी अधिकारी को विवि प्रशासन ने गिरफ्तार होने पर निलंबित कर दिया था। वहीं कुलपति ने अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. टीसी भल्ला की अध्यक्षता में फेक्ट फाइंडिंग कमेटी भी गठित की थी।
कमेटी ने अब जांच पूरी कर विवि को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। विवि के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि परीक्षा विंग में तैनात कर्मचारियों से हर सत्र में शपथपत्र लिए जाएंगे।
रामपुर कॉलेज पर गाज गिरना तय
उधर, प्रदेश विश्वविद्यालय ने रामपुर कॉलेज में एक जनवरी के बजाय 20 दिसंबर को परीक्षा करवाने को भारी चूक माना है। इसकी भरपाई अब कॉलेज प्राचार्य से की जाएगी। विवि प्रशासन प्रधान सचिव शिक्षा के माध्यम से जवाबदेही सुनिश्चित करने और परीक्षा का खर्च वसूलने का मामला उठाएगा।
प्राचार्य से करीब सात लाख रुपये वसूले जा सकते हैं। परीक्षा संचालन में लापरवाही बरतने वालों की भविष्य में भी जवाबदेही सुनिश्चित हो, यह मामला भी विवि प्रधान सचिव शिक्षा से उठाने की तैयारी में है। यह सीधे तौर पर यह मामला प्रश्नपत्र लीकेज की श्रेणी में मामला आता है।
ऐसे में विवि प्रशासन इसके लिए स्थायी व्यवस्था करने जा रहा है। विवि का दावा है कि अधिसूचना जारी होने, ई-मेल से संबंधित प्राचार्य को सूचित करने के बावजूद परीक्षा करवाई गई है। इसमें प्राचार्य और संबंधित कॉलेज स्तर पर चूक हुई है।
अब दोबारा होगी परीक्षा
यह विवि की अपने स्तर पर की गई जांच में भी सामने आया है। इस गलती के कारण विवि को दोबारा परीक्षा करवानी पड़ रही है। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने इसे बड़ी चूक करार दिया।
कहा कि वह प्रधान सचिव शिक्षा के माध्यम से इसके लिए जिम्मेदार प्राचार्य या कॉलेज से परीक्षा खर्च की भरपाई करवाएंगे। अब तक हुई जांच में सीधे तौर पर गलती कॉलेज में स्थापित परीक्षा केंद्र स्तर पर हुई है।
एचपीयू परिसर में कर्मचारी सियासत तेज
एचपी यूनिवर्सिटी का सबसे बड़ा गैर शिक्षक कर्मचारी संघ 15 दिन तक सदस्यता अभियान चलाएगा। यह फैसला चुनाव पर चरचा के लिए बुधवार को बुलाई बैठक में लिया गया। सदस्यता की प्रक्रिया पूरी होते ही संघ आम सभा बुलाकर आम सहमति से चुनाव की तिथि तय करेगा।
चुनाव संभवत: फरवरी में हो सकते हैं। वर्तमान में संघ में 504 सदस्य हैं। इनकी संख्या सदस्यता प्रक्रिया पूरी होने पर 600 तक जा सकती है। गैर शिक्षक कर्मचारी संघ कार्यकारिणी की बुधवार को अध्यक्ष डा. हितेश्वर ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में दावा किया कि कर्मचारियों की 60 फीसदी मांगों को अंजाम तक पहुंचा दिया है। जल्द इन्हें पूरी करवा देंगे।
इसमें मौजूद निवर्तमान कार्यकारिणी के पदाधिकारियों उपाध्यक्ष पीपी नेगी, महासचिव देवेंद्र कुमार शर्मा, शशि कुमार विनोद सूद, राजेश ठाकुर, वासुदेव शर्मा, संध्या ठाकुर, बाबु राम, कर्ण सिंह, हरी सिंह, रामेश्वर ठाकुर और मनोज सलवान ने भाग लिया। अध्यक्ष ने कहा कि गैर शिक्षक चुनाव करवाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए आम कर्मचारी का सहयोग लिया जा रहा है।