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SFI ने आधी रात को निकाला जलूस, जानें क्यों?

Sat, 08 Aug 2015 11:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 08 Aug 2015 11:03 PM IST
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sfi march at hpu campus.

छात्र संघ चुनाव बहाल करने के लिए संघर्ष पर उतरे एसएफआई के जिंदाबाद मुर्दाबाद के नारों से शुक्रवार रात को पूरा समरहिल क्षेत्र और एचपीयू परिसर गूंजता रहा। चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर परिसर में 24 घंटे के धरने पर बैठे एसएफआई कार्यकर्ताओं के साथ सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने छात्रावास और सांगटी क्षेत्र से हाथों में मशाल लेकर जुलूस निकाला।

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इसमें शामिल छात्रों ने चुनाव बहाल करने के समर्थन में करीब ढाई घंटे तक जमकर नारेबाजी की। विवि पुस्तकालय के बाहर तक निकाली गई रैली में शामिल कार्यकर्ताओं में छात्राएं भी शामिल थीं। रैली को एसएफआई की राज्य, जिला और विवि परिसर इकाई पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इन नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के तानाशाही रवैये के खिलाफ है।
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इन नेताओं ने कहा कि छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए पिछले सत्र से सरकार के इशारे पर विश्वविद्यालय और कॉलेजों में प्रत्यक्ष एससीए चुनाव पर रोक लगाई गई है। फीस में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी, कॉलेजों में पूरी तरह से फे ल रहे रूसा सिस्टम के लागू करने और छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाने के छात्र विरोधी फैसलों से आम छात्र परेशान हैं।
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नेताओं ने कहा कि यह छात्रों का गुस्सा ही है कि उन्होंने आधी रात को परिसर में व्याप्त अंधेरे को दूर करने को मशालें जलाईं। इन मशालों से आम छात्र समुदाय एकजुट हो गया है। नेताओं ने कहा कि यह विवि प्रशासन और सरकार को चेतावनी है, जिसे वह समय रहते समझे और तुरंत छात्र संघ चुनाव बहाल करे, बढ़ी फीस कम करने पर फैसला ले और रूसा की तमाम खामियों को दूर करे या पुरानी प्रणाली को लागू करे।


इकाई के अध्यक्ष राहुल चौहान और सचिव विक्रम ने कहा कि यदि चुनाव बहाल कर शेड्यूल जारी न किया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। आने वाले पंचायती राज चुनाव में प्रदेश सरकार को युवाओं के खिलाफ फैसले लेने का खामियाजा भुगतना पड़ेगा। शनिवार को एक बजे एसएफआई ने अपने इस 24 घंटे के सांकेतिक धरने को समाप्त किया।

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