विधानसभा के बाहर लाठीचार्ज, पुलिस सहित 43 घायल
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रूसा, फीस बढ़ोतरी और एससीए चुनाव कराने की मांग को लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे सैकड़ों एसएफआई कार्यकर्ताओं और पुलिस में हल्की धक्कामुक्की खूनी झड़प में बदल गई। पुलिस के अनुसार दोपहर 12.30 बजे जब छात्रों को सीपीडब्लूडी कार्यालय के बाहर रोका तो उन्होंने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए।
इसके बाद लाठीचार्ज करना पड़ा और पानी की बौछारें छोड़नी पड़ीं। एसएफआई के अनुसार खूनी झड़प में 52 कार्यकर्ता चोटिल हुए हैं जिनमें 25 को गंभीर चोटें आई हैं। उधर, एएसपी भजन नेगी के अलावा 16 पुलिस जवान भी घायल हुए हैं। भगदड़ में दो मीडियाकर्मी भी घायल हुए हैं।
103 टनल तक दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
कुल 43 लोग लहूलुहान हुए। पुलिस ने एसएफआई कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। देर शाम पुलिस ने 14 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। माकपा कार्यालय से भी कुछ एसएफआई नेताओं को उठाया है।
एसएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी शिवदासन, राज्य अध्यक्ष पुनीत धांटा और सचिव सुरेश सरवाल ने बताया कि वे अपनी मांगें रखने जा रहे थे। पुलिस कर्मियों ने कार्यकर्ताओं को विधानसभा से लेकर होटल पीटरहॉफ और 103 टनल तक दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। जो जहां मिला उसकी वहीं पर अधिकारियों की मौजूदगी में पिटाई कर डाली।
पांच कार्यकर्ताओं से सिर फूटे
लाठीचार्ज के दौरान हुई पत्थरबाजी के कारण एसएफआई के पांच कार्यकर्ताओं से सिर फूटे हैं जबकि कुछ की टांगें भी टूटी हैं। करीब बीस मिनट तक बर्बरतापूर्ण कार्रवाई में छात्राओं तक को नहीं बख्शा गया। 52 कार्यकर्ता चोटिल हुए हैं। कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों कीं।
घायल छात्रों का रिपन अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है। पुलिस की गिरफ्तारी के डर से दर्जनों कार्यकर्ता प्राथमिक उपचार तक नहीं करवा पाए। छात्र संगठन ने चेताया कि उनकी मांगें 15 दिनों में पूरी न हुई तो एसएफआई मुख्यमंत्री सहित हर मंत्री-विधायक को घरों में जाकर मांग पत्र सौंपेगी।