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यूनिवर्सिटी में लाल हुई एसएफआई, दी आंदोलन की चेतावनी
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 16 Jun 2014 07:40 PM IST
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एचपी यूनिवर्सिटी में सोमवार को फीस बढ़ाने के लिए रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी (आरएमसी) के सदस्य भीतर बैठक कर रहे थे तो बाहर पूर्व एससीए पदाधिकारी और एसएफआई कार्यकर्ता विरोध में नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे थे।
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कार्यकर्ताओं ने वीसी दफ्तर के बाहर और पुस्तकालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। सुबह दस बजे से ही कार्यकर्ता पुस्तकालय से वीसी दफ्तर तक कड़े सुरक्षा इंतजामों के बावजूद बैज लगाकर आरएमसी सदस्यों और वीसी के आने का इंतजार करने के लिए जमा हो गए।
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11 बजे वीसी के पहुंचते ही छात्र प्रतिनिधि और छात्र नेता आम कार्यकर्ताओं के साथ वीसी दफ्तर पहुंचे। यहां उन्होंने फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव के विरोध में करीब एक घंटे तक जमकर नारेबाजी की। इसके बाद पुस्तकालय तक रैली निकाली और सभा की।
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पूर्व एससीए अध्यक्ष राजन हारटा, सचिव पीयूष सेवल और एसएफआई नेता नोबल ने सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यदि फीस में एक रुपये बढ़ोतरी भी की तो 24 जून को होने वाली ईसी की बैठक के दिन आंदोलन किसी भी हद तक जा सकता है।
गिरफ्तारियां दी जा सकती हैं और सदस्यों का घेराव भी किया जा सकता है। प्रदर्शन के दौरान एसएफआई विवि इकाई के अध्यक्ष सुरेश, सचिव होशियार सिंह, सह सचिव प्रेम, उपाध्यक्ष राहुल चौहान, विक्रम, सह सचिव प्रियंका भी मौजूद रहे।
कमेटी को सौंपा खुला पत्र
पूर्व एससीए और एसएफआई कार्यकर्ताओं ने बैठक में आए आरएमसी के सदस्यों को खुला पत्र सौंपकर सुझावों पर काम कर आय स्रोत बढ़ाने की मांग की। इसके साथ ही चेतावनी दी कि यदि एक रुपये भी फीस बढ़ाई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
जहां फीस बढ़ाई, वहां क्लासरूम तक नहीं
पूर्व एससीए का आरोप है कि दो साल में विभागों में सेल्फ फाइनासिंग कोर्स की सीटें बढ़ाकर लाखों रुपये फीस ली जा रही है। लेकिन छात्रों को क्लासरूम जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हैं।