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लेखकों की प्रतिबद्धता सच्चाई पर आधारित होनी चाहिएः कुलपति
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 31 Mar 2014 05:16 PM IST
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा है कि लेखकों को तथ्यों और हकीकत को आगे बढ़ाते हुए सच्चाई पर आधारित लिखने की प्रतिबद्धता को निभाना चाहिए।
वह सोमवार को यूनिवर्सिटी के ऑस्ट्रेलियन और न्यूजीलैंड अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के उदघाटन अवसर पर बोल रहे थे।
इस संगोष्ठी में ऑस्ट्रेलिया के अलावा भारत के विभिन्न विभागों से विद्वान हिस्सा ले रहे हैं। संगोष्ठी का विषय ‘भारत और आस्ट्रेलिया में आत्मकथा और जीवनवृतः लिखने की कूटनीति’ रखा गया।
अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि भारतवर्ष एक समृद्ध आत्मकथा और जीवनवृतियों की प्राचीनतम धरोहर संजोए हुए है। उन्होंने कहा कि किसी भी आत्मकथा और जीवनवृति से हमें नया ज्ञान और जानकारियां प्राप्त करनी चाहिए।
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कुछ आत्म कथाएं होती हैं भयानक
मुख्य वक्ता क्वींस लैंड विश्वविद्यालय ऑस्ट्रेलिया की डॉ. जैकी हैगिन्स ने बताया कि कुछ आत्म कथाएं और जीवनवृतियां इतनी भयानक होती हैं कि उसमें ज्ञान का पक्ष कम और डराव का पक्ष अधिक रहता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी जीवनवृति के सक्षम पहलुओं को अधिक से अधिक बु़द्घिजीवियों और शोधकर्ताओं के समक्ष लाया जाना चाहिए।
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वह सोमवार को यूनिवर्सिटी के ऑस्ट्रेलियन और न्यूजीलैंड अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के उदघाटन अवसर पर बोल रहे थे।
इस संगोष्ठी में ऑस्ट्रेलिया के अलावा भारत के विभिन्न विभागों से विद्वान हिस्सा ले रहे हैं। संगोष्ठी का विषय ‘भारत और आस्ट्रेलिया में आत्मकथा और जीवनवृतः लिखने की कूटनीति’ रखा गया।
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अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि भारतवर्ष एक समृद्ध आत्मकथा और जीवनवृतियों की प्राचीनतम धरोहर संजोए हुए है। उन्होंने कहा कि किसी भी आत्मकथा और जीवनवृति से हमें नया ज्ञान और जानकारियां प्राप्त करनी चाहिए।
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कुछ आत्म कथाएं होती हैं भयानक
मुख्य वक्ता क्वींस लैंड विश्वविद्यालय ऑस्ट्रेलिया की डॉ. जैकी हैगिन्स ने बताया कि कुछ आत्म कथाएं और जीवनवृतियां इतनी भयानक होती हैं कि उसमें ज्ञान का पक्ष कम और डराव का पक्ष अधिक रहता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी जीवनवृति के सक्षम पहलुओं को अधिक से अधिक बु़द्घिजीवियों और शोधकर्ताओं के समक्ष लाया जाना चाहिए।