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एलयू में अचानक टली परीक्षा, स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर

Wed, 17 Dec 2014 12:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 17 Dec 2014 12:24 PM IST
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Semester exam cancelled in lucknow university.

एलयू में सेमेस्टर परीक्षाओं में अव्यवस्था का बोलबाला है। परीक्षा विभाग की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। अव्यवस्था के कारण परीक्षा दे रहे छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। एमए प्राचीन भारतीय इतिहास (एआईएच) विभाग में थर्ड सेमेस्टर की परीक्षाएं मंगलवार को शुरू होनी थी लेकिन जब छात्र परीक्षा देने पहुंचे तो पता चला कि परीक्षाएं अचानक टाल दी गईं।

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जब छात्रों ने पता किया कि आखिर परीक्षाएं अचानक क्यों टाल दी गईं तो उन्हें बताया गया कि यहां पर 60 प्रतिशत छात्र ऐसे हैं जिनकी नियमानुसार 75 प्रतिशत उपस्थिति पूरी नहीं हैं। इसके लिए परीक्षा विभाग को कई बार पत्र लिखा गया लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया।
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परीक्षा की तिथियां तो घोषित हो गईं मगर परीक्षा विभाग की ओर से यह नहीं बताया गया कि एआईएच थर्ड व फर्स्ट सेमेस्टर में कितने छात्र एग्जाम में बैठेंगे। छात्रों ने अचानक परीक्षाएं टाले जाने का विरोध भी किया।
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लखनऊ विश्वविद्यालय में प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रशांत श्रीवास्तव कहते हैं कि परीक्षाएं करवाना परीक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। इससे विभाग का कोई लेना देना नहीं है। हमने कई बार परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला को पत्र लिखा मगर उन्होंने एक भी पत्र का जवाब नहीं दिया। हमने परीक्षाओं से पहले ही उन्हें विभाग की यथास्थिति बता दी थी।

75 प्रतिशत उपस्थिति बन गई रोड़ा

Semester exam cancelled in lucknow university.

ऐसे में परीक्षा अचानक टाले जाने के लिए परीक्षा विभाग ही जिम्मेदार है। हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला ने 75 प्रतिशत उपस्थिति पूरे होने के नियम को लागू करने की घोषणा तो कर दी थी लेकिन इसकी कोई तैयारी नहीं थी।

अभी करीब दस दिन पहले ही डीन फैकल्टी ऑफ आर्ट्स प्रो. रश्मि पांडेय की अध्यक्षता में आर्ट्स विभागों की एक बैठक हुई थी। उसमें विभागों ने जो आंकड़े बताए थे उसके अनुसार तो केवल 22 प्रतिशत छात्र ही 75 प्रतिशत उपस्थिति पूरी करते हैं।

इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन खुद बैकफुट पर आ गया था। अब अगर प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो. प्रशांत श्रीवास्तव ने परीक्षा नियंत्रक को इस मसले पर पत्र लिखकर खुद परीक्षा करवाने को कहा था तो उन्होंने इसका अभी तक कोई जवाब क्यों नहीं दिया?

परीक्षा नियंत्रक अगर चाहते तो 75 प्रतिशत उपस्थिति पूरी न करने वाले 60 प्रतिशत छात्रों का प्रवेश पत्र रोक लेते और मात्र 40 प्रतिशत छात्रों की परीक्षाएं शुरू करवा देते। दूसरा वह यह करते कि सभी छात्रों को परीक्षा देने की छूट दे देते।

आधे घंटे देर से शुरू हुई ये उर्दू की परीक्षा

Semester exam cancelled in lucknow university.

मगर उन्होंने केवल विभाग द्वारा भेजे गए परीक्षा कार्यक्रम को घोषित कर दिया उपस्थिति के विषय पर लिखे गए पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। इसके कारण एमए एआईएच के छात्रों को बैरंग वापस लौटना पड़ा। अब आगे कब परीक्षाएं होंगी इसके बारे में कोई साफ-साफ नहीं बोल रहा।

वहीं एमए उर्दू की परीक्षा सुबह की पाली में एजुकेशन डिपार्टमेंट में थीं। परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होनी थी लेकिन यहां पर विभाग का ताला ही नहीं खुला था। ऐसे में छात्र परीक्षा केन्द्र के बाहर करीब आधा घंटा तक इंतजार करते रहे। यूनिवर्सिटी प्रशासन से जब इस मामले की शिकायत हुई तो करीब आधा घंटे के बाद परीक्षा शुरू हो पाई।

यूनिवर्सिटी में सेमेस्टर परीक्षाएं मजाक बनकर रह गई हैं छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। वहीं एमए ह्यूमन कांशियसनेस एंड योगिक साइंस के फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षाएं मंगलवार को शुरू हुईं और कई छात्रों के पास प्रवेश पत्र नहीं था। यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग की ओर से कुछ छात्रों को प्रवेश पत्र दिया गया कुछ को नहीं। ऐसे में अव्यवस्था के बीच यहां भी किसी तरह परीक्षा करवाई गई।

बिना प्रवेश पत्र बीबीए फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा देंगे छात्र

Semester exam cancelled in lucknow university.

बीबीए के फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षाएं बुधवार को शुरू होंगी। मगर अभी तक 42 डिग्री कॉलेजों को प्रवेश पत्र मिलने का इंतजार है। मंगलवार की दोपहर में परीक्षा विभाग के सामने बड़ी संख्या में कॉलेजों के नुमाइंदे प्रवेश पत्र लेने के लिए खड़े हुए थे।

बुधवार को बीबीए व बीबीए इंटरनेशनल बिजनेस कोर्स की परीक्षाएं शुरू होनी हैं मगर प्रवेश पत्र के छपकर आने में इतनी देरी हुई की परीक्षा के एक दिन पहले भी वह कॉलेजों में नहीं पहुंचाए जा सके। अब कॉलेजों में प्रवेश पत्र परीक्षा के दिन ही बुधवार को पहुंचाए जाएंगे।

ऐसे में अगर प्रवेश पत्र में गड़बड़ी हुई तो छात्रों के पास समय भी नहीं होगा कि वह इसे ठीक करवा सकें। फिलहाल छात्र प्रवेश पत्र के लिए डिग्री कॉलेजों में चक्कर लगा रहे हैं। यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग की लापरवाही के कारण सेमेस्टर परीक्षाएं छात्रों के जी का जंजाल बन गई हैं।

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