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सरकारी नौकरी तक जाता है इस लाइब्रेरी का रास्ता

Fri, 03 Jan 2014 12:18 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 03 Jan 2014 12:18 PM IST
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sector 17_liberary_students_chandigarh
सेक्टर-17 की सेंट्रल लाइब्रेरी में आजकल युवाओं की अच्छी-खासी भीड़ हरदम पढ़ाई में जुटी दिखाई देती है। इनमें से ज्यादातर युवा सरकारी नौकरी के लिए परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। कोई यहां दो साल से लगातार आ रहा है तो किसी ने कुछ महीने पहले आना शुरू किया है।
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खासियत
इस लाइब्रेरी में वाई-फाई से लकर ई-बुक की भी सुविधा है। इसमें 2 लाख 42 हजार किताबें हैं। हर साल छह हजार किताबें नई आती हैं।

अमेरिकी दूतावास द्वारा संचालित ‘अमेरिकन कार्नर’ है, जहां अमेरिकी साहित्य और इंडियन-अमेरिकी लेखकों की सैकड़ों किताबें हैं।

इसके अलावा एक ‘फिजीकली हेंडीके प सेक्सन’ इसमें विकलांग लोगों को विशेष सुविधाएं दी जाती हैं। नेत्रहीनों की मदद के लिए ऑटोमेटिक रीडिंग मशीन है। वर्ड्स हाइलाइटिंग मशीन है जो अक्षरों को बड़ा करके दिखाती है।
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पास होने पर आते हैं मिठाई लेकर
करीब बीस साल से यहां कार्यरत प्रवीन खुराना बताते हैं कि ज्यादातर युवा यहां सरकारी जॉब के लिए एग्जाम क्लीयर करने के लिए आते हैं। वे पास हो जाते हैं तो मिठाई लेकर आते हैं।
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रोज साढ़े तीन सौ से चार सौ किताबें यहां से इशु की जाती हैं। चंडीगढ़ में रीडरशिप बहुत अच्छी है। पिछले साल की तुलना में इसमें काफी बढ़ोतरी हुई है।

मैं लगातार दो साल से इस लाइब्रेरी में आ रहा हूं। मैं एक प्राइवेट कंपनी में मार्केटिंग इंश्योरेंस एडवाइजर था। भारीभरकम टार्गेट पूरा करने के चक्कर में लोगों से झूठ बोलना पड़ता था। लोगों से नजरें मिलाना मुश्किल हो गया था।

इसलिए नौकरी छोड़ दी। अब गवर्नमेंट जॉब के लिए तैयारी कर रहा हूं। इस लाइब्रेरी में सभी जरूरी किताबें मिल जाती हैं। एक सरकारी बैंक का एग्जाम क्लीयर कर चुका हूं। उम्मीद है इंटरव्यू भी अच्छा होगा।
-रवि, सेक्टर-7, चंडीगढ़

इस लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए बहुत अच्छा महौल होता है। यहां सभी लोग एग्जाम की तैयारी में जुटे होते हैं, उन्हें देखकर हौसला बढ़ता है। मैं पिछले छह महीने से यहां नियमित आ रहा हूं। कुछ महीने बाद ही यहां नए चेहरे दिखने लगते हैं।

-अंकुर

मैं फाइनांस में एमबीए हूं। तीन महीने पहले प्राइवेट नौकर छोड़ दी थी अब अच्छी सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रहा हूं। इसलिए इस लाइब्रेरी में आकर रोज जानकारियां लेता हूं। नौकरी छोड़ी थी तो घरवाले नाराज थे। मगर जल्द ही अच्छी नौकरी की खुशखबरी उन्हें दूंगा।
-संदीप
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