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क्या होगा इन प्राइवेट कॉलेजों का, खाली रह गई सीटें

Fri, 31 Jul 2015 11:24 AM IST
Updated Fri, 31 Jul 2015 11:24 AM IST
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seats still vacant in private colleges of himachal after third counselling.

प्रदेश में चल रहे दर्जनों प्राइवेट कॉलेजों के भविष्य अंधकार में दिखता नजर आ रहा है। तकनीकी विवि हमीरपुर की काउंसलिंग में निजी कॉलेजों को मिलने वाले छात्रों की संख्या न के बराबर रही है। तीन चरणों की काउंसलिंग खत्म हो गई है, लेकिन कई कॉलेजों में 30 से 40 सीटों के लिए ही काउंसलिंग हो पाई। इसके अलावा प्रदेश सरकार को दी जाने वाली एफिलेशन फीस सहित भवन, लैब उपकरण, बिजली तथा पानी सहित कालेज वाहनों के खर्च वहन करना भी सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।

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बुधवार को प्रदेश तकनीकी विवि हमीरपुर ने इंजीनियरिंग कोर्सों की अंतिम चरण की काउंसलिंग भी पूरी कर ली है, लेकिन प्रदेश के चार सरकारी कालेजों के अलावा किसी भी प्राइवेट कॉलेज की सीटें नहीं भरी जा सकीं। यही हाल एमबीए और एमसीए का भी रहा है। वीरवार को ही एमसीए की अंतिम काउंसलिंग राउंड लेटरल एंट्री के साथ खत्म हो गया। लेकिन डिग्री कॉलेज ऊना के अलावा अन्य सभी कॉलेजों की सीटें खाली रह गई हैं।

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एमसीए में भरी 23 सीटें

seats still vacant in private colleges of himachal after third counselling.

प्रदेश तकनीकी विवि ने एमसीए में एडमिशन के लिए लेटरल एंट्री आधार पर 32 सीटों के लिए वीरवार को काउंसलिंग हुई। डिग्री कॉलेज ऊना में 12 सीटें, एलआर सोलन में 7, जबकि हिमालयन काला अंब में 4 सीटें भरी गईं। इससे पहले डायरेक्ट एंट्री में भी कई सीटें खाली रह गईं।

इन विषयों में होती है पढ़ाई- प्रदेश में चल रहे इंजीनियरिंग कॉलेजों में सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रीक्ल एंड इलेक्ट्रानिक्स, टेक्सटाइल तथा आउटोमोबाइल में इंजीनियरिंग होती है।

हिप्र तकनीकी विवि हमीरपुर के डीन अकेडमिक डा. एनएन शर्मा ने बताया कि बीटेक, एमबीए और एमसीए समेत बी-फार्मेसी सभी की काउंसलिंग वीरवार को खत्म हो गई है। प्रदेश में तकनीकी विवि से संबद्ध सभी सरकारी कालेजों में बीटेक, बी-फार्मेसी, एमबीए और एमसीए की सीटें भर गई हैं। जबकि प्राइवेट कालेजों में सैकड़ों की संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। खाली सीटें भरने के लिए तकनीकी विवि को ही फैसला लेना है।

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