रंग लाया संघर्ष, GMCH-32 में बढ़ेंगी मेडिकल की सीटें
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गवर्नमेंट मेडिकल कालेज (जीएमसीएच-32) में दूसरी काउंसलिंग से पहले 50 सीटें बढ़ने की संभावना हैं। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की ओर से एमबीबीएस की 50 सीटें खारिज कर दिए जाने के बाद संस्थान के डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रोफेसर अतुल सचदेवा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर एमबीबीएस की 100 सीटों को बरकरार रखने की मांग की है।
उनका कहना है कि जिस इंफ्रास्ट्रक्चर को आधार बनाकर सीटें खारिज की गई, वह निर्माण की आखिरी स्टेज में है। संस्थान में ई ब्लाक का निर्माण तेजी से चल रहा है।
इसी इंफ्रास्ट्रक्चर पर पिछले साल 100 मेडिकल स्टूडेंट को शिक्षा व ट्रेनिंग दी गई है। संस्थान के पास फैकल्टी की कोई कमी नहीं है। प्रोफेसर अतुल सचदेवा ने उम्मीद जताई है कि दूसरी काउंसलिंग से पहले संस्थान की 50 सीटें बढ़ सकती हैं।
दूसरी काउंसलिंग 18 जुलाई से शुरू होनी है। यदि कुछ बातें आगे बढ़ती हैं तो 16 अप्रैल तक पता चल जाएगा कि सीटें बढ़ेंगी कि नहीं।
इस आधार पर कैंसल की गईं सीटें
लेक्चर थियेटर : नियम के मुताबिक लेक्चर थियेटर में 120 स्टूडेंट के बैठने की क्षमता होनी चाहिए। संस्थान के थियेटर में सिर्फ 80 स्टूडेंट बैठ सकते हैं। फैकल्टी के लिए ई क्लास की सुविधा नहीं है।
कॉमन रूम : ब्वायज व गर्ल्स के लिए अलग-अलग कॉमन रूम नहीं है। रूम के साथ अटैच टॉयलेट भी नहीं है।
हॉस्टल : संस्थान में सिर्फ 97 स्टूडेंट के लिए हॉस्टल है, जबकि नियम के मुताबिक 263 स्टूडेंट के लिए हास्टल जरूरी है।
जिम : नियम के मुताबिक जिम होना जरूरी है मगर संस्थान में यह नहीं है।
टीचिंग : ओपीडी में टीचिंग एरिया उपलब्ध नहीं है।
डिपार्टमेंट : एनेटोमी डिपार्टमेंट का डेमॉनस्ट्रेशन रूम बायोकेमेस्ट्री डिपार्टमेंट के साथ शेयर किया जा रहा है। म्यूजियम में एमआरआई-सीटी की फिल्म नहीं है। 100 मेडिकल स्टूडेंट के लिए डीसेक्शन हॉल उपयुक्त नहीं है। लॉकर भी नहीं हैं।
मनोचिकित्सक डिपार्टमेंट : डेमॉनस्ट्रेशन रूम नहीं है। मेमेलियन लेबोरेटरी नहीं है। रिसर्च लेबोरेटरी भी नहीं है।
फार्माकोलॉजी डिपार्टमेंट : प्रैक्टिकल लेबोरेटरीज काफी छोटी हैं। म्यूजियम में मॉडल्स व कैटालाग्स मौजूद नहीं है।
टंडन ने की मंत्रालय के अधिकारियों से बात
भाजपा चंडीगढ़ के अध्यक्ष संजय टंडन ने जीएमसीएच को 50 सीटें और दिलवाने के लिए निजी तौर पर प्रयास करना शुरू कर दिया है। टंडन के साथ साथ चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने भी छात्रों के भविष्य को देखते हुए केंद्र से जीएमसीएच को 50 अतिरिक्त सीटें देने की मांग की है।
टंडन ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ.हर्षवर्द्धन से फोन पर बातचीत की और मंगलवार को भी उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और मेडिकल कैंसल ऑफ इंडिया के अधिकारियों से इस संबंध में फोन पर बात की। टंडन ने कहा कि वह अपनी तरह से पूरा प्रयास कर रहे हैं कि कालेज को 50 अतिरिक्त सीटों की मंजूरी इस साल मिल जाए।
बीडीएस की आधी सीटें खाली
जीएमसीएच 32 में मंगलवार को बीडीएस की काउंसलिंग हुई। इनमें से सिर्फ 49 सीटें ही भर पाईं। बीडीएस की कुल 100 सीटें हैं। अब आधी सीटे दूसरी काउंसलिंग के दौरान भरी जाएंगी। प्रोफेसर अतुल सचदेवा ने बताया कि इस बार बीडीएस के प्रति रिस्पांस कम देखने को मिला है।