{"_id":"1e1d5f2cf0894a76447a6ee996b281e0","slug":"science-exhibition-at-state-institute-of-education-sector-32","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइंस एग्जीबिशन में दिखा भावी वैज्ञानिकों का टैलेंट","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
साइंस एग्जीबिशन में दिखा भावी वैज्ञानिकों का टैलेंट
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 04 Dec 2013 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-32 स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन (एसआईई) में मंगलवार से तीन दिवसीय मैथमेटिक्स एंड इन्वायरमेंट एग्जीबिशन-2013 शुरू हुई।
विज्ञापन
दूसरे स्तर की प्रतियोगिता में चुनिंदा 83 स्कूलों से 155 साइंस और अन्य मॉडलों को एग्जीबिशन में पेश किया गया। इसमें दूसरी से 12वीं क्लास तक के बच्चों ने भाग लिया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने किया। उन्होंने दो घंटे तक बच्चों के मॉडलों का अवलोकन किया।
डायरेक्टर हायर एजुकेशन संदीप हंस और एसआईई डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र सिंह दहिया भी प्रदर्शनी में पहुंचे थे। प्रदर्शनी में चुने गए पहले पांच मॉडलों का नेशनल राउंड के लिए चयन होगा
विज्ञापन
रोबोट से होगी सुखना की सफाई
सेक्टर-41 स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल के छात्र विशाल और बाबू ने रोबोटिक रिवोल्यूशन थीम पर मॉडल तैयार किया। बाबू ने बताया कि उनका रोबोट खास है जो पानी में तैर सकता है और जमीन पर दौड़ सकता है।
विज्ञापन
रोबोट के साथ एक खास बास्केट लगाई गई है जो सुखना लेक के अंदर पानी पर तैरती गंदगी को खुद ही उठा लेगा। पूरे सिस्टम को रिमोट से संचालित किया जाएगा।
रोबोट में खास सेंसर लगाए गए हैं जोकि कूड़े को टच करते ही रोबोट को अलर्ट कर देगा। रोबोट के नीचे थर्मोकॉल लगाया गया है जो पानी में रोबोट को तैरने में मदद करता है।
साइकिल से चलेगा टीवी
कार्मल कान्वेंट-9 की छात्रा श्रद्धा और रूपांगी ने साइकिल पॉवर टेलीविजन मॉडल तैयार किया। रूपांगी ने बताया कि साइकिलिंग करते हुए मेकेनिकल ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में तबदील कर टीवी को चलाया जा सकता है।
इस मॉडल से बच्चों की एक्सरसाइज होगी और बिजली की बचत भी होगी। मॉडल को तैयार करने के लिए उन्होंने साइकिल का पुराना पहिया, डायनमो और पुराना टीवी का प्रयोग किया गया है।
पहिये के रोटेशन से छह वॉट तक बिजली उत्पन्न होगी। मॉडल तैयार करने में दो हफ्ते का समय और 1500 रुपये खर्च आया।
समुद्र का पानी पीने लायक बनाया
साफ पानी की उपलब्धता देश में सबसे बड़ी किल्लत है। सेक्टर-31 स्थित गवर्नमेंट मॉडल स्कूल के आदित्य और साहिल ने समुद्र के पाने को साफ करने का खास मॉडल पेश किया।
आदित्य के अनुसार पानी को एक खास जार में 3500 डिग्री सेल्सियस पर गर्म कर उसे पीने लायक बनाया जा सकता है।
इस काम को करने के लिए सौर ऊर्जा का प्रयोग किया जाएगा। पीयू कुलपति प्रो. अरुण ग्रोवर ने मॉडल से संबंधित कई प्रश्न भी पूछे।
दूसरी कक्षा की बच्चियों ने भी पेश किया मॉडल
साइंस एग्जीबिशन में सेक्टर-26 स्थित फर्स्ट स्टैप स्कूल में दूसरी क्लास की छात्रा रिया और नव्या भी अपने मॉडल लेकर पहुंचीं।
इतनी कम उम्र की बच्चियों को देखकर पीयू कुलपति भी खासे प्रभावित हुए। दोनों ने इकोसिटी के कांसेप्ट को तैयार किया था।
रिया ने बताया कि उनके स्कूल में सेविंग द प्लांट थीम पर प्रोजेक्ट चल रहा था। इसलिए उन्होंने भी एग्जीबिशन में हिस्सा लेने का फैसला किया।
बेटियों को बचाने का दिया संदेश
साइंस एग्जीबिशन के एक कोने में आम मॉडल से कुछ हटकर था। स्कूली बच्चों ने समाज से जुड़े बेटियों को बचाने का संदेश दिया।
गवर्नमेंट हाई स्कूल सेक्टर-31 की छात्रा चांदनी और निशू ने ‘ना आना इस देश लाडो’ थीम पर बाल विवाह और भ्रूण हत्या पर मॉडल पेश किया।
जीएचएस-32 की रूबीना और पूजा ने बेटियों की कमी से समाज पर पड़ने वाले असर को दिखाया।
पानी और प्रेशर से हाइड्रोलिक क्रेन
सेक्टर-18 गवर्नमेंट मॉडल की छात्रा भावना रावत और प्रतिमा ने हाइड्रोलिक क्रेन तैयार की है। चार पिस्टन के सहारे चलने वाली क्रेन को पानी और हवा के प्रेशर से ऑपरेट किया जाता है।
क्रेन का उपयोग भारी सामान को उठाने में किया जा सकता है। छात्राओं के अनुसार इसका प्रयोग अभी हांगकांग में हो रहा है। भारत में सिर्फ हाइड्रोलिक लिफ्ट ही प्रयोग में है।
ये प्रोजेक्ट भी पसंद किए गए
जीएमएचएस विकास नगर के शिव बहादुर और अंकित राज ने अपने प्रोजेक्ट में सीखने और याददाश्त का ग्राफ तैयार किया है।
उन्होंने दिखाया कि लेक्चर से पांच 05 फीसदी, रीडिंग से 10, ऑडियो विजुअल से 20, डेमोस्ट्रेशन से 30, ग्रुप डिस्कशन से 50, प्रेक्टिस बॉय डूइंग से 75 और पढ़ने के बाद तुरंत दूसरों को पढ़ाने से 90 फीसदी चीजें याद रहती हैं।
गवर्नमेंट हाई स्कूल कॉलोनी नंबर-4 के स्टूडेंट धीरज और रेखा ने साइंस एग्जीबिशन में बिना मिट्टी के पौधे उगाने की विधि को दिखाया। विद्यार्थियों ने बताया कि किस तरह पौधे को जरूरी पोषक तत्व देकर बड़ा किया जा सकता है।
जीएचएस-25 के छात्र विशाल और वर्षा ने इस साल केदारनाथ में आपदा को लेकर मॉडल तैयार किया। इसमें दिखाया गया कि बिना प्लानिंग बिल्डिंग और पेड़ों की कटाई के कारण भयंकर तबाही हुई थी।
किशनगढ़ स्थित गवर्र्नमेंट स्कूल की सातवीं की छात्रा रेणू और नूरजहां ने एक पंथ दो काज थीम पर स्टोव से खाना और पानी गर्म करने का मॉडल बनाया है।
रेणू ने बताया कि एक कॉपर की पाइप स्टोव पर लगाने से खाने के साथ पाइप से पानी भी गर्म हो जाएगा। उन्होंने बताया कि 15 मिनट में एक किलो चावल और एक लीटर पानी गर्म हो जाएगा।
वीसी ने साइंटिस्ट की किताब तोहफे में दी
2012 में इंस्पॉयर स्कीम के तहत नेशनल राउंड में दिल्ली गए जीएचएस मलोया में सातवीं के होनहार छात्र महोम्मद अजीम के मॉडल को देखकर पीयू कुलपति काफी प्रभावित हुए।
एक सरकारी स्कूल के बच्चे की प्रतिभा से खुश होकर प्रो. अरुण ग्रोवर ने खुश होकर साइंटिस्ट प्रो. रुचि राम साहनी की जीवनी अपने हस्ताक्षर कर भेंट की।
उन्होंने अजीज को एक अच्छा साइंटिस्ट बनने का आशीर्वाद भी दिया। 2012-13 में इंस्पॉयर स्कीम के तहत नेशनल स्तर पर नॉर्थ रीजन में दूसरा स्थान पाने वाले केंद्रीय विद्यालय के शुभम के इको सिटी प्रोजेक्ट को भी काफी सराहा गया।
बच्चों के साथ आएं अभिभावक
एसआईई-32 डायरेक्टर डॉ. सुरेंद्र दहिया ने कहा कि ट्राइसिटी के स्कूलों में बच्चों को साइंस के प्रति रुझान पैदा करने के लिए यह एग्जीबिशन शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि 4 और 5 दिसंबर को अभिभावक और स्कूली बच्चे सुबह 9 से दोपहर 3:30 बजे तक एग्जीबिशन को देख सकते हैं। एग्जीबिशन में बच्चों के लिए खास क्विज भी होगी। एग्जीबिशन में स्कूली बच्चे नए आइडिया भी दे सकते हैं।