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महंगाई की एक और मार, स्कूलों में बढ़ी फीस
कुंदन तिवारी /अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 28 Mar 2014 12:04 PM IST
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चुनाव के इस मौसम में निजी स्कूल संचालकों ने जनता पर महंगाई का बोझ डाल दिया है। शैक्षिक सत्र 2014-15 से स्कूली शिक्षा और महंगी हो गई है।
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निजी स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से 8 से 12 फीसदी अधिक फीस वसूलने का फैसला ले लिया है। जिसके आदेश सभी स्कूलों में लागू हो गए हैं और इसकी जानकारी से अभिभावकों को अवगत करा दिया गया है।
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यही नहीं स्कूल प्रबंधकों ने ट्रांसपोर्टेशन खर्च को भी बढ़ा दिया है। जिसमें 10 से 15 फीसदी बढ़ोत्तरी की बात कही जा रही है। यह बढ़ोत्तरी किलोमीटर के दो स्लैब पर लागू की गई है। जिसमें पहला स्लैब 10 किलोमीटर के अंदर और दूसर इसके ऊपर रखा गया है।
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स्कूलों के प्रधानाचार्यों के मुताबिक यह फीस बढ़ोत्तरी कोई खास नहीं है। क्योंकि प्रति वर्ष 15 से 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी होती रही है। लेकिन इस बार सभी अभिभावकों से बहुत अधिक विचार विमर्श करने के बाद कम फीस बढ़ाई गई है। जिससे किसी भी अभिभावक को दिक्कत न हो।
क्या है नियम....
-शिक्षा विभाग का नियम है कि अगर किसी निजी स्कूल को फीस बढ़ानी है, तो उसे फार्म छह के माध्यम से 31 दिसंबर या एक जनवरी तक जिला शिक्षा विभाग में जानकारी देनी होगी। इसके बाद ही शिक्षा विभाग फीस बढ़ाने की अनुमति देता है। जिसके बाद निजी स्कूल सिर्फ 20 फीसदी तक फीस में बढ़ोत्तरी कर सकते हैं।
| फीस की स्थिति | |
| वर्ष 2013-2014 | वर्ष 2014-15 होगी |
| 1500 से लेकर 8000 रुपये प्रति महीने | 1620 से लेकर 8960 रुपये प्रति महीने |
| ट्रांसपोर्टेशन खर्च | |
| 2013-2014 | 2014-2015 |
| 700 से 1250 रुपये प्रति महीने | 800 से 1400 रुपये प्रति महीने |
| सीबीएसई स्कूलों की संख्या | जिले में 100 |
आखिर क्यों फीस बढ़ाने की है मजबूरी
निजी स्कूल प्रबंधकों के मुताबिक हर वर्ष शिक्षक व कर्मचारियों का 15 प्रतिशत डीए बढ़ना अनिवार्य है। कुल वेतन पर कम से कम तीन प्रतिशत इंक्रीमेंट दिया जाता है। इसलिए फीस बढ़ाना मजबूरी है।
हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के प्रदेश अध्यक्ष के एसएस गोसाई ने कहा कि अधिकांश स्कूल प्रबंधन कमेटी से बातचीत हुई है। जिसमें से सभी ने अभिभावकों से सिर्फ 8 से 12 प्रतिशत ही बढ़ी फीस लेने की बात कह दी है। लेकिन प्रतिमाह बढ़ते ट्रांसपोर्ट खर्च को लेकर स्कूल प्रंबधन चिंतित हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्टेशन फीस भी बढ़ानी जरूरी हो गई है।