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स्कूलों से शिकायत है तो पढ़ें राहत भरी खबर

Mon, 18 Aug 2014 12:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 18 Aug 2014 12:31 PM IST
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school regarding complains shortout within 15 days

सरकारी स्कूलों से जुड़ी तमाम समस्याओं के लिए अब लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे फोन से या इंटरनेट के जरिये अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। शिकायतों का निपटारा भी संबंधित अधिकारियों को पंद्रह दिनों में करना होगा। डायरेक्टर जनरल स्कूल एजूकेशन ने इस संबंध में सभी अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

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शिक्षा विभाग ने अब शिकायतों का निपटारा करने केलिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। इसके लिए मुख्य दफ्तर में शिकायत निवारण सेल बनाया गया है।

जहां पर टोल फ्री नंबर 18001372215 पर फोन करके कोई भी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा लोग सर्व शिक्षा अभियान की वेबसाइट www.ssapunjab.org पर भी लिंक public grievance के जरिये अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस लिंक पर आई शिकायत की छानबीन करने के बाद डीजीएसई दफ्तर से संबंधित दफ्तर को भेजा जाएगा। संबंधित दफ्तर को शिकायत ऑनलाइन भेजी जाएगी। संबंधित दफ्तर को शिकायत मिलने के 15 दिनों के अंदर उसका निपटारा कर रिपोर्ट भेजनी जरूरी होगी।
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डीजीएसई की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि विभाग को फीडबैक मिला है कि शिकायतों को लेकर लोग परेशान होते रहते हैं। स्कूलों में तमाम समस्याओं को लेकर स्कूल मैनेजमेंट कमेटियां, पंचायतें और आम लोग शिकायतें करते हैं। पर वे काफी समय तक लंबित ही पड़ी रहती हैं। लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। कभी वे डीईओ दफ्तर जाते हैं, तो कभी मंडल शिक्षा दफ्तर। वहां से भी बात न बनी तो डीपीआई एलिमेंट्री या सेकेंडरी के दफ्तर जाते हैं। जिससे शिकायतकर्ताओं को मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
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स्कूलों की समस्याएं रहती थीं लंबित
शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पदभार संभालने केबाद तमाम संगठनों से मुलाकात की थी। इस दौरान यह समस्या सामने आई थी कि गांवों के सरकारी स्कूलों में रोजाना की समस्याओं को लेकर जो शिकायतें की जाती हैं, वे आमतौर पर लंबित पड़ी रहती थीं। स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों और पंचायतों को इसके लिए तमाम पैरवी करनी पड़ती थी। वहीं, बच्चों की मुश्किलें हल होने में देरी होती थी। जिसके बाद डॉ. चीमा ने ही टोल फ्री नंबर स्थापित करने की हिदायत दी थी।

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