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नए सेशन से पैरेंट्स पर पड़ेगी दोहरी मार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 23 Mar 2015 12:23 AM IST
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स्कूलों के नए सेशन में पैरेंट्स पर फीस की दोहरी मार पड़ेगी। स्कूल प्रबंधन फीस बढ़ाने की तैयारी में हैं तो बस ऑपरेर्ट्स किराया बढ़ाने जा रहे हैं।
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अधिकतर प्राइवेट स्कूल नए सेशन से 10 से 20 प्रतिशत फीस बढ़ा सकते हैं, जबकि बस यूनियन प्रति बच्चा 80 से 100 रुपये बढ़ा सकती है। हालांकि, कई बस ऑपरेटर्स फीस बढ़ा भी चुके हैं। अंकुर स्कूल के बस चालक बच्चों द्वारा ही फीस बढ़ाने की जानकारी पैरेंट्स तक पहुंचा रहे हैं।
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हालांकि, डीजल के रेट पहले के मुकाबले काफी नीचे आ चुके हैं। इसके बावजूद लोगों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। इसकेपीछे यूनियन का तर्क है कि जो फीस अब तय होगी, वह सालभर केलिए होगी, जबकि डीजल के रेट इस दौरान कई बार बढ़ते-घटते रहेंगे। स्कूलों से 11 महीनों की फीस ही मिलती है। जून के पैसे नहीं दिए जाते हैं, जबकि ड्राइवर को 12 महीने की सैलरी देनी होती है।
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अब जरा सी दूरी के भी देने होंगे 11 सौ
अब तक आपके बच्चे स्कूल बस में चढ़कर चंद किलोमीटर का भी सफर करते थे, तो आपको 900 से 1000 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। अब इसी दूरी के लिए प्रतिमाह 1000 से 1100 रुपए चुकाने होंगे। वहीं, खरड़ इलाके से आने वाले बच्चों के पैरेंट्स से अभी 1500 रुपये तक लिए जाते हैं। इसमें भी बढ़ोतरी हो सकती है।
मंजीत सिंह, प्रेसिडेंट, प्राइवेट स्कूल बस ऑपरेर्ट्स यूनियन ने बताया कि स्कूलों से हमें जून माह के पैसे नहीं मिलते। 11 महीने के पैसे ही मिलते हैं, जबकि ड्राइवर्स को 12 महीने की सैलरी देनी होती है। ऊपर से सैलरी बढ़ानी भी पड़ी है और मेंटेनेंस खर्च में भी इजाफा हुआ है। इसलिए 100 रुपये तक फीस बढ़ाई जा रही है।