{"_id":"d15601e29dbbe6db933378c1d3080d16","slug":"school-don-t-know-about-rte","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा के 'ठेकेदारों' को नहीं पता क्या है शिक्षा का अधिकार","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
शिक्षा के 'ठेकेदारों' को नहीं पता क्या है शिक्षा का अधिकार
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 14 Apr 2014 03:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून का जसवंत मॉडर्न स्कूल हो या डीपीएस, शिक्षा विभाग की टीम आरटीई का हवाला लेकर पहुंची तो पता चला कि उन्हें नियमों की जानकारी ही नहीं है।
विज्ञापन
स्कूलों को किया जाता है जागरूक
शिक्षा विभाग ने दोबारा केवल नोटिस थमाकर स्कूलों को आरटीई का पाठ पढ़ाया। जबकि हर साल शिक्षा विभाग की ओर से आरटीई पर कार्यशालाएं आयोजित कर स्कूलों को जागरूक किया जाता है।
विज्ञापन
पढ़ें, भाजपा को जिताने लोकसभा चुनाव में उतरेंगे एनडी तिवारी
विज्ञापन
कार्यशालाओं में स्कूलों को आरटीई की बारीकियां बताने के साथ ही आठवीं तक छात्रों को फेल न करने, टीसी मांगने पर बिना एक्सट्रा शुल्क लिए तीन दिन में टीसी देने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी जाती हैं।
इस साल फिर स्कूलों ने आरटीई नियमों का खुला उल्लंघन शुरू कर दिया है। कारमन स्कूल में छठीं कक्षा के बच्चे से टीसी के लिए एक माह की फीस मांगी जा रही है।
शिक्षा विभाग स्कूलों के पास नोटिस लेकर पहुंचता है तो स्कूल साफ कह देते हैं कि आरटीई के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। सवाल यह है कि पब्लिक स्कूल जब आरटीई का पाठ हर साल भूल जाते हैं तो भला बच्चों को कैसी शिक्षा दी जा रही है।
विभाग नोटिस तक सीमित
शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। शिक्षा विभाग हर साल मनमानी करने वाले स्कूलों को केवल नोटिस जारी करता है।
पढ़ें, 'पाताल' में है उत्तराखंड का यह अंतिम मतदान केंद्र
आरटीई के तहत स्कूलों पर जुर्माने का भी प्रावधान है लेकिन शिक्षा विभाग अब तक एक भी स्कूल पर जुर्माना करने में नाकाम रहा है। विभाग के अधिकारियों के हाल यह हैं कि वे किसी भी तरह आरटीई मनवाने को पब्लिक स्कूलों की मान मनौव्वल करते हैं।
इससे इतर कोई सख्त कार्रवाई आज तक नहीं कर पाए। जबकि नियमानुसार आरटीई का उल्लंघन करने पर अब सीधे जुर्माना होना चाहिए, क्योंकि करीब तीन साल से शिक्षा विभाग स्कूलों को आरटीई का पाठ पढ़ा रहा है।
शिक्षा विभाग के हेल्पलाइन नंबर
कंट्रोल रूम : 01352789841
मुख्य शिक्षा अधिकारी : 9412119838
जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक : 9412029599
जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक शिक्षा : 9412141838
जिला समन्वयक आरटीई : 8171034817
हमसे साझा करें अपना दर्द
यदि पब्लिक स्कूलों की मनमानी से आप परेशान हैं तो अपनी शिकायत हमसे साझा कर सकते हैं। हमारे हेल्पलाइन नंबर 8392922180 पर सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आप कॉल कर सकते हैं।
पढ़ें, यहां जीतने के लिए दूसरे 'ग्रह' पर जाते हैं नेताजी
आपकी पहचान छिपाकर रखी जाएगी। इसके अलावा हमारे ईमेल आईडी editor@ddn.amarujala.com पर भी शिकायत भेज सकते हैं।