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राजधानी देहरादून के स्कूलों में चलता है 'धंधा'

Tue, 01 Apr 2014 10:11 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 01 Apr 2014 10:11 AM IST
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राजधानी देहरादून के स्कूलों में पढ़ाई की जगह कुछ और ही खेल चला रहा है।

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एक अप्रैल से कई स्कूलों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इसलिए आजकल प्रत्येक अभिभावक अपने बच्चों का स्कूलों में दाखिला दिलवाने और कॉपी-किताब खरीदने में व्यस्त है।
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यहां तक तो ठीक है, लेकिन स्कूल जाने पर अभिभावकों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है। किसी स्कूल ने फीस बढ़ा दी है तो कोई डोनेशन मांग रहा है।
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सोमवार को स्कूलों की इसी मनमानी के विरोध में कुछ जगहों पर अभिभावकों ने हंगामा भी किया लेकिन बहुतेरे ने बच्चों के भविष्य को सोचते हुए स्कूल प्रबंधन की हर बात को स्वीकार भी कर लिया।

फीस बढ़ाने पर अभिभावकों का हंगामा

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गुरु नानक एकेडमी प्रेमनगर में सोमवार को स्कूल खुलने के साथ ही हंगामा शुरू हो गया। कुछ अभिभावकों ने हाथ में पर्चे लहराते हुए स्कूल परिसर में जमकर नारेबाजी की।

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अभिभावकों का आरोप था कि बिना किसी नियम के स्कूल हर साल फीस बढ़ा रहा है, जिससे उनके ऊपर भार बढ़ता जा रहा है। एक अभिभावक ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है।

जैसे-तैसे बच्चे को शिक्षा दिलाने के चक्कर में पढ़ा रहे हैं लेकिन स्कूल ने गत तीन वर्षों में 600 रुपए से ज्यादा फीस बढ़ा दी है। गत वर्ष फीस 800 रुपए थी जिसे इस साल 940 रुपए कर दी है।

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हर साल स्कूल की फीस वृद्धि के खिलाफ जब अभिभावकों ने विरोध किया तो स्कूल प्रशासन ने किनारा कर लिया। स्कूल प्रशासन ने साफ किया कि वह नियमों के तहत फीस बढ़ा रहे हैं।

फीस बढ़ाना उनकी मजबूरी है। बाद में अभिभावक लौट गए। परेशान अभिभावक दोबारा बैठक कर आंदोलन करने की योजना बना रहे हैं।

स्कूल में ही सजी दुकान

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स्कॉलर्स होम स्कूल में सोमवार को पैरेंट्स भागते दौड़ते नजर आए। स्कूल परिसर में किताबों की दुकान सजा दी गई। बच्चे और अभिभावक स्कूल में आए और किताबों का बोझ लेकर घर लौटे।

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स्कूल परिसर के एक कमरे में किताबें सजी हुई हैं। हालात यह हैं कि परेशान अभिभावक कहीं बाहर से किताबें नहीं ले सकते हैं। केवल स्कूल से ही उन्हें किताबें खरीदने के लिए कहा गया है।

हालांकि, जिला प्रशासन साफ कर चुका है कि यदि किसी भी स्कूल में इस तरह की व्यवसायिक गतिविधियां संचालित की गईं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके कई और स्कूलों के परिसर में किताबों की दुकानें सजी हुई हैं।

अभिभावकों का दर्द

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चिल्ड्रन माडर्न स्कूल के एक अभिभावक ने अमर उजाला हेल्पलाइन पर बताया कि उनके बच्चे को पहले स्कूल की एक टीचर ने ट्यूशन पढ़ाकर उनसे वसूली कर ली और अब फेल कर दिया है।

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स्कूल प्रशासन साफ कर चुका है कि बच्चे को पास नहीं किया जा सकता है। इस वजह से उनका बच्चा परेशान है। डीपीएस के अभिभावकों की शिकायत थी कि उनके बच्चों को नौंवी में एक विषय में फेल कर दिया गया है।

इस पर स्कूल प्राचार्य बीके सिंह ने बताया कि सीबीएसई के नियमों के तहत अनुत्तीर्ण छात्रों को दोबारा मौका दिया जा रहा है। इसके बाद भी अगर वह पास नहीं होते तो उन्हें प्रमोट करना संभव नहीं होगा।

हमसे साझा करें अपना दर्द

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यदि पब्लिक स्कूलों की मनमानी से आप परेशान हैं तो अपना दर्द हमसे साझा कर सकते हैं। हमारे हेल्पलाइन नंबर 8392922180 पर सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक आप कॉल कर सकते हैं।

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आपकी पहचान छिपाकर रखी जाएगी। इसके अलावा हमारे ई-मेल आईडी। editor@ddn.amarujala.com पर भी शिकायत भेज सकते हैं।

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