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ये नए नियम अटका सकते हैं आपकी स्कॉलरशिप को!

Wed, 24 Dec 2014 11:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 24 Dec 2014 11:46 AM IST
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scholarship of many students can be affected by new rules.

प्रदेश सरकार द्वारा छात्रों को होने वाली शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया में अचानक नए नियम लागू करने से छात्र-छात्राओं की स्कॉलरशिप फंस सकती है।

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पूरी प्रक्रिया के बाद जब कॉलेजों ने समाज कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के पास आवेदन पत्रों की सूची भेजी तो उनको यह कहकर लौटा दिया गया कि वे सभी छात्रों के डॉक्यूमेंट्स स्कैन कर सीडी में उपलब्ध कराएं।
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इसके लिए उनको 30 दिसंबर तक का समय दिया गया है। इस बारे में कॉलेजों का कहना है कि इतने कम समय में यह डॉक्यूमेंट्स स्कैन कराकर उपलब्ध कराना उनके लिए संभव नहीं है।
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कुछ कॉलेजों ने तो इस संबंध में लिखित रूप से इन विभागों को साफ कह दिया है कि वे इतने कम समय में यह डाटा उपलब्ध नहीं करा सकते। पूरे प्रदेश में लगभग 60 लाख जबकि लखनऊ से करीब 35 हजार छात्र-छात्राओं ने स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया है।

पूरी प्रक्रिया होने के बाद लागू किया नया नियम

scholarship of many students can be affected by new rules.

शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए छात्रों को पहले 8 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन का मौका दिया गया जिसे बाद में बढ़ाकर 17 दिसंबर कर दिया। इसके बाद इनको 20 दिसंबर ऑनलाइन भरे आवेदन पत्र की कॉपी जमा करनी थी।

यह कॉपी पाने के बाद कॉलेजों ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी से उसे अग्रसारित कराते हुए संबंधित विभाग में जमा करने के लिए भेजा। लेकिन जैसे ही विभागों के पास कॉलेज के छात्रों की सूची पहुंची तो कॉलेजों को बताया गया कि सभी छात्रों के उनकी श्रेणी के हिसाब से जरूरी आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आवेदन पत्र का पहला पृष्ठ और बैंक पासबुक इन सभी को स्कैन करके सीडी में उपलब्ध कराने होंगे।

तभी वहां के छात्रों की सूची स्कॉलरशिप के लिए स्वीकृत की जाएगी। कॉलेजों के अनुसार इस बारे में पहले से कोई जानकारी विभागों ने नहीं दी थी। उन्होंने इन विभागों की वेबसाइट पर दिए गए निर्देशानुसार सारी प्रक्रिया की। अब अंतिम समय में मात्र 30 दिसंबर तक जो डाटा मांगा जा रहा है वह उपलब्ध कराना संभव नहीं।

नवयुग कॉलेज की प्राचार्या नीरजा गुप्ता की ओर से शुल्क प्रतिपूर्ति के इन तीनों विभागों को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है कि केवल मौखिक निर्देशों पर इस कार्य को नहीं कराया जा सकता। यदि ऐसे में छात्राओं की स्कॉलरशिप रुकती है तो उसकी जिम्मेदारी इन्हीं विभागों की होगी। इस कॉलेज से लगभग 1250 छात्राओं ने आवेदन किया है।

विभागों को देनी होगी लिखित जानकारी

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अधिकारी का कहना है कि हमें शासन की ओर से 10 साल तक स्कैन डॉक्यूमेंट संभालने के निर्देश मिले हैं। फिलहाल कॉलेज चाहें तो पहले की प्रक्रिया के अनुसार तैयार लिस्ट विभाग में जमा कर सकते हैं। लेकिन साथ ही लिखित रूप से देना होगा कि वे सीडी में स्कैन डॉक्यूमेंट्स कब तक देंगे। छात्रों का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

नेताजी सुभाषचंद्र बोस राजकीय महिला पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीएस मिश्रा कहते हैं कि यदि पहले से इस बात की जानकारी होती तो हम वैसे ही करते। हमें सीडी में स्कैन डॉक्यूमेंट उपलब्ध कराने के लिए कुछ समय दिया जाना चाहिए। तब तक पहले से तैयार लिस्ट विभाग जमा करकेअपनी प्रक्रिया शुरू करें। हमारे कॉलेज से लगभग 1500 छात्राओं ने स्कॉलरशिप के लिए आवेदन किया है।

जेएनपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसडी शर्मा ने बताया कि कॉलेज से 4270 छात्र-छात्राओं के आवेदन हैं। यदि एक छात्र के तीन डॉक्यूमेंट हों तो करीब 13000 डॉक्यूमेंट स्कैन होंगे। 30 दिसंबर तक ऐसा करना संभव नहीं। हमें एक महीने का समय चाहिए। यदि सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो छात्रों को कठिनाई होगी।

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