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बच्चों के मूल्यांकन के लिए सीबीएसई ने जारी किया शेड्यूल
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 04 Jan 2014 03:21 PM IST
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कक्षा एक से पांच तक की कक्षाओं में सीसीई (कंपलसरी एंड कंप्रेहेंसिव असेसमेंट) लागू करने में शिक्षकों को अब दिक्कतें नहीं होंगी।
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सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) शिक्षकों को कक्षा एक से पांच तक के लिए सीसीई मेन्युअल उपलब्ध कराने जा रहा है। मेन्युअल जारी न होने से शिक्षकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बोर्ड ने बाकी कक्षाओं के टीचर्स मेन्युअॅल को रिवाईज करने की घोषणा की है।
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नए साल पर सभी स्कूलों के नाम जारी संदेश में बोर्ड के चेयरमैन विनीत जोशी बीते साल की उपलब्धियां गिनाते हुए नए साल पर कई तोहफे देने की घोषणा की है।
स्टूडेंट्स पर अनावश्यक दबाव न पड़े, इसके लिए सीबीएसई ने स्कूलों में सीसीई लागू किया है। सीसीई में स्कूल स्टूडेंट्स का आंकलन करके विभिन्न प्रोजेक्ट और टेस्ट के माध्यम से नंबर देते हैं।
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नई व्यवस्था होने के कारण शिक्षकों को सीसीई के पालन में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे क्लास के बच्चों को लेकर होती है।
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टीचर्स को पता नहीं होता है कि वो किस प्रकार स्टूडेंट्स का कंप्रेहेंसिव असेसमेंट करें। ऐसे में टीचर्स मेन्युअॅल काफी उपयोगी साबित होगा।
कक्षा छह से 12 तक की कक्षाओं के लिए सीबीएसई ने टीचर्स मेन्युअल जारी किया था पर इसका विशेष लाभ शिक्षकों को नहीं मिल पा रहा था।
ऐसे में बोर्ड ने नए साल पर कक्षा एक से पांच तक के लिए टीचर्स मेन्युअॅल जारी करने तथा बाकी कक्षाओं के मेन्युअल को रिवाईज करने की बात कही है।
बोर्ड के चेयरमैन विनीत जोशी ने सभी विद्यालयों को नए साल की शुभकामना देते हुए पिछले साल शिक्षकों और प्रिंसिपल के प्रशिक्षण देने की उपलब्धि को गिनाया है।
सीसीई सांग, स्लोगन और लोगो का इस्तेमाल भी बोर्ड ने बीते साल ही शुरू किया।
इसके साथ ही बोर्ड ने अपनी उपलब्धियों में प्रॉब्लम सॉल्विंग असेसमेंट, ऑनलाइन सपोर्ट मेकेनिज्म, असेसमेंट ऑफ स्पीकिंग एंड लिस्नेनिंग स्किल्स, यू ट्यूब पर सीबीएसई का चैनल, वोकेशनल कोर्स, इंटरमीडिएट स्तर पर लॉ और कई विषयों की पढ़ाई शुरू करने को भी गिनाया है।
80 स्कूलों में लागू होगा इंटरनेशनल करिकुलम
बोर्ड ने एकेडमिक सेशन 2014-15 से देश के 80 स्कूलों में प्रयोग के तौर पर इंटरनेशनल कॅरिकुलम लागू करने की बात कही है। इंटरनेशनल कॅरिकुलम में लाइफ स्किल्स, सेवा और रिसर्च प्रोजेक्ट्स को शामिल किया जाएगा।
इंटरनेशनल कॅरिकुलम कक्षा एक से लेकर 12 तक की कक्षाओं के लिए है। अच्छे परिणाम मिलने पर अगले साल इसका विस्तार किया जाएगा।