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डीएस से पूछा, कैसे दी परीक्षा की अनुमति?
टीम डिजिटल/अमर उजाला, शिमला
Updated Sat, 14 Jun 2014 11:10 AM IST
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की पूर्व एससीए पदाधिकारियों ने प्रशासन पर विवि के आर्डिनेंस की अनदेखी का आरोप लगाया है। पूर्व एससीए पदाधिकारियों ने इस मामले को लेकर वीरवार को अधिष्ठाता अध्ययन का घेराव किया।
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इस दौरान एससीए ने डीएस से कई सवाल पूछे। उनसे पूछा गया कि आखिर कैसे कुछ छात्र कम अटेंडेंस होने के बावजूद परीक्षा में बैठ रहे हैं। इसके बाद कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी से भी मामले को उठाया।
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आरोप है कि कुलपति ने कुछ चहेतों को विवि अधिनियम की अनदेखी कर एक भी हाजिरी न होने पर परीक्षा में बैठने की विशेष अनुमति दी है जबकि अन्य छात्रों को कम हाजिरी पर भी परीक्षा में बैठने नहीं दिया जा रहा है।
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पूर्व एससीए अध्यक्ष राजन हारटा, सचिव पीयूष सेवल व सह सचिव मोनिका डढा ने इसका विरोध करते हुए मांग की है कि पूरे मामले की छानबीन की जाए। कुलपति बताएं कि किस आधार पर 75 फीसदी हाजिरी पूरी न करने वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने का मौका दिया गया है।
पूर्व एससीए का कहना है कि यदि प्रशासन ही छात्रों के साथ इस तरह का भेदभाव करेगा तो फिर इससे निष्पक्षता खत्म हो जाएगी। एसएफआई ने भी इस मामले में प्रशासन पर निशाना साधा है।