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'विवि प्रशासन की भाषा ही बोल रही कमेटी की रिपोर्ट'
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 21 Oct 2014 08:22 PM IST
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फीस बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदेश में आंदोलन कर रहे छात्र एकता मंच ने फीस बढ़ोतरी पर गठित कमेटी की रिपोर्ट को लेकर कहा है कि रिपोर्ट सरकार और विवि प्रशासन की ही भाषा बोल रही है। कमेटी ने छात्र प्रतिनिधियों द्वारा सामने रखे तथ्यों पर गौर न करते हुए सिर्फ विवि द्वारा सामने रखे गलत तथ्यों को ही सही मान लिया है।
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रिपोर्ट में कहा है कि दो दशक से फीस नहीं बढ़ी जबकि सच्चाई यह है कि विवि ने कई मर्तबा फीस को बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। परीक्षा के साथ छात्रावास की फीस को 2800 से 6500 तक किया है। बीसीए, बी टैक, यूजी डिग्री कोर्स की परीक्षा फीस को विवि बराबर बढ़ाता रहा है।
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2011 और 2012 में भी फीस बढ़ाई गई है। मंच के पदाधिकारी छात्र नेता आशीष सिक्टा और मुनीश शर्मा ने कहा कि बढ़ाई गई फीस को पूरा वापस किया जाए। नौ सौ गुणा बढ़ोतरी करने के बाद फीस में 10 से 15 फीसदी की कटौती करना सिर्फ मामले को शांत करने का प्रयास है।
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यह छात्र एकता मंच और आम गरीब छात्र को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं है। यदि फीस बढ़ोतरी को पूरा वापस न किया गया तो, आंदोलन और उग्र किया जाएगा। फीस में एक मुश्त की गई 900 से 1500 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद गरीब छात्र विवि और कॉलेजों में पढ़ाई कर ही नहीं पाएगा।