छात्रों को झटका, इस बार भी नहीं होंगे एससीए चुनाव
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय और प्रदेश के कॉलेजों में छात्र संघ चुनावों का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए बुरी खबर है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दो टूक शब्दों में ऐलान कर दिया है कि हिमाचल के शिक्षण संस्थानों में छात्र संघ चुनाव नहीं होंगे। कमेटियां गठित की जाएंगी और यही छात्रों के हितों में काम करेगी।
प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में शांति भंग नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार विकास करती है और भाजपा सरकार सत्ता में रहते हुए सिर्फ फीते काटने का काम करती रही है। पूर्व भाजपा सरकार पराई शादी में दूल्हे की भूमिका ही निभाती रही है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह राजकीय पीजी कालेज रामपुर के कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।
ग्रामीण इलाकों में खोले जाएंगे कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में ही कालेज खोलने का फैसला लिया है। कालेज खोलने की घोषणा के साथ ही प्रत्येक कालेज के नए भवन बनाने के लिए पांच करोड़ की राशि की व्यवस्था सरकार तत्काल कर देती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कालेज खुलने से लड़कियों की संख्या कालेजों में बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने सत्ता पर रहते हुए सिर्फ दो-तीन कालेज ही खुले हैं जबकि शेष सभी सरकारी कालेज कांग्रेस सरकार ने खोले हैं। वीरभद्र ने कहा कि रामपुर कालेज जब खुला था तो आरंभ में विधानसभा में यह ताने भी सुनने को मिलते थे कि यह कालेज सफेद हाथी है। इस कालेज में उस समय छात्र कम और स्टाफ ज्यादा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शांति भंग नहीं होने देंगे
यह स्थिति कई साल तक रही। उस समय विपक्ष यह भी कहता था कि अगर रामपुर कालेज के छात्रों को चंडीगढ़ पढने के लिए भेजा जाए तो भी सस्ता ही पड़ेगा। कांग्रेस सरकार ने कालेज के विकास पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। आज यह छोटा पौधा विशाल छायादार वृक्ष का रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में शांति भंग नहीं होने देंगे
सीएम ने कहा कि स्कूलों, कालेजों और विवि में अनुशासन से खिलवाड़ बरदाश्त नहीं होगा। शिक्षण संस्थानों में अनुशासन बनाकर रखना सभी का दायित्व है ताकि शिक्षा का माहौल बनाकर रखा जा सके। स्किल डेवलमेंट के लिए आयोग बनाया गया है। हर साल सौ करोड़ का प्रावधान किया जाता है ताकि प्रशिक्षण लेने वालों को प्रति माह वजीफा मिल सके।