यूपीटीयूः इन स्टूडेंट्स को नहीं भरना होगा परीक्षा शुल्क
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प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में पढ़ रहे अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। हाईकोर्ट ने यूपी टेक्निकल यूनिवर्सिटी को आदेश दिया है कि वह संस्थानों से अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों का परीक्षा फार्म बिना शुल्क के स्वीकार करे।
संस्थानों को परीक्षा शुल्क जमा करने के लिए बाध्य न किया जाए। टेक्निकल इंस्टीट्यूशन फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा छात्रों को शुल्क की प्रतिपूर्ति किए जाते ही संस्थान शुल्क विश्वविद्यालय में जमा कर दें। इस मामले की सुनवाई 26 नवंबर को होगी।
प्रदेश के 296 तकनीकी कालेजों ने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। फाउंडेशन के वकील अनूप त्रिवेदी और विभु राय ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों को तकनीकी महाविद्यालयों में शून्य शुल्क पर पढ़ाने की व्यवस्था की है।
यूपी सरकार भरेगी इन स्टूडेंट्स की फीस
इसके तहत ऐसे छात्रों का शुल्क प्रदेश सरकार देती है। सरकार शुल्क का पैसा छात्र के खाते में डालती है फिर वहां से रकम संस्थान के खाते में जाती है। इस प्रकार से विश्वविद्यालय को परीक्षा शुल्क संस्थानों से प्राप्त होता है।
इस वर्ष प्रदेश सरकार ने अभी तक प्रतिपूर्ति का पैसा छात्रों के खाते में नहीं डाला है जबकि परीक्षा फार्म जमा करने की अंतिम तिथि नजदीक है। परीक्षा शुल्क जमा नहीं होने के कारण यूपी टेक्निकल यूनिवर्सिटी इन छात्रों का परीक्षा फार्म स्वीकार नहीं कर रही है।
प्रदेश सरकार के अधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही प्रतिपूर्ति की रकम छात्रों के खाते में भेज दी जाएगी। कोर्ट ने कहा कि संस्थानों को शुल्क जमा करने के लिए बाध्य नहीं किया जाए।