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अंग्रेजी ही नहीं, संस्कृत भी बोलेंगे सीबीएसई के बच्चे
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 26 Oct 2014 01:05 AM IST
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आमतौर पर अंग्रेजी भाषा को महत्व देने वाले सीबीएसई स्कूलों के बच्चे अब संस्कृत बोलते हुए भी नजर आएंगे। सीबीएसई ने नौंवी और दसवीं के छात्रों तक संस्कृत की पहुंच आसान करने की योजना बनाई है।
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बोर्ड संस्कृत के एक्टिविटी कार्ड बनवाएगा। इसके साथ ही छात्रों से संस्कृत में प्रोजेक्ट कार्य भी कराया जाएगा।
सिलेबस समिति में हुआ फैसला
सीबीएसई की हाल ही में हुई सिलेबस समिति की बैठक में फैसला किया गया कि नौवीं और दसवीं के छात्रों के लिए संस्कृत के ऐक्टिविटी कार्ड बनाए जाएंगे। छात्रों से संस्कृत के प्रोजेक्ट वर्क के साथ ही संस्कृत के विकास की कहानी भी बताई जाएगी।
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नौंवी में इसी सत्र से यह प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जबकि दसवीं में आगामी सत्र से शुरू की जाएगी। बोर्ड क्लासिकल इंडियन लिटरेचर में एक बुकलेट भी प्रकाशित करने जा रहा है, जिसमें संस्कृत भाषा को भी शामिल किया जाएगा।
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बोर्ड क्षेत्रीय भाषाओं पर भी फोकस करने की तैयारी कर रहा है। हर राज्य की क्षेत्रीय भाषा को वहां के सिलेबस में शामिल किया जाएगा।
मनाया था संस्कृत सप्ताह
दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य बीके सिंह ने बताया कि संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए बोर्ड लगातार प्रयासरत है। इस कड़ी में पहले संस्कृत सप्ताह मनाया गया था, जिसमें छात्रों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। अब संस्कृत का ऐक्टिविटी कार्ड बनने से छात्रों का जुड़ाव संस्कृत भाषा से और गहरा हो जाएगा।