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उत्तराखंड में पहली कक्षा से पढ़ाई जाएगी संस्कृत

Wed, 31 Dec 2014 01:46 PM IST
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा / अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 31 Dec 2014 01:46 PM IST
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sanskrit in syllabus from class one in uttarakhand.

नए सत्र से उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां संस्कृत प्राथमिक स्तर यानी पहली कक्षा से पढ़ाई जाएगी।

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इसके लिए गठित उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद की पहली बैठक दो जनवरी को होगी। इसमें राज्य के 19 स्कूलों को संस्कृत शिक्षा के लिए मान्यता दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न प्रदेशों में छठी कक्षा से संस्कृत पढ़ाई जा रही है। उत्तराखंड शिक्षा विभाग के अफसरों के मुताबिक देश और दुनिया में कहीं भी प्राथमिक स्तर पर संस्कृत को मान्यता नहीं है।

इसके लिए उत्तराखंड ने पहल की है। वर्ष 2015 में उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य होगा, जहां प्राथमिक स्तर से बच्चों को संस्कृत की शिक्षा दी जाएगी। इसके लिए बाकायदा उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद बनाई गई है। जिसने 24 जून 2014 को अपना अधिनियम तैयार कर लिया है।
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परिषद अपना पाठ्यक्रम बनाएगा। प्राथमिक स्तर से संस्कृत स्कूलों को मान्यता देगा और परीक्षाएं करवाकर परीक्षाफल तैयार करेगा।

19 स्कूलों में शुरू होगी पढ़ाई

sanskrit in syllabus from class one in uttarakhand.

इसके लिए देहरादून के धर्मपुर स्थित सरकारी विद्यालय और भिलंगना टिहरी में खुलने वाले प्रस्तावित स्कूल को चिह्नित किया गया है। इसके अलावा शेष 17 विद्यालय राज्य के विभिन्न जिलों में हैं।

हर ब्लॉक में खुलेंगे पांच संस्कृत स्कूल
कक्षा एक से पांचवीं तक के पांच स्कूल हर ब्लॉक में खोलने की तैयारी है। इसके लिए प्रस्ताव शासन भेजा जा चुका है। परिषद उप सचिव आरसी बहुगुणा के मुताबिक बागेश्वर जिले में इसके लिए भूमि तक चुन ली गई है।

तो सुधरेगी देवभूमि में संस्कृत की स्थिति
प्रदेश में 90 संस्कृत विद्यालय और महाविद्यालय हैं, लेकिन वर्षों से इनमें शिक्षकों की नियुक्ति न होने और संसाधनों के अभाव के चलते हालात बेहद खराब हैं।

अपना एक्ट न होने से थी दिक्कत

प्रदेश के संस्कृत विद्यालयों में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी से निर्धारित पाठ्यक्रम लागू है। परीक्षाएं माध्यमिक शिक्षा विभाग कराता आया है। प्रदेश का अपना एक्ट न होने से विद्यालयों में नियुक्तियां भी यूपी के अधिनियम के अनुरूप होती रही हैं।

उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा परिषद की दो जनवरी को पहली बैठक है। इसमें हम प्रदेश के कुछ विद्यालयों को प्राथमिक स्तर से संस्कृत पढ़ाने की मान्यता देने जा रहे हैं। इसके बाद उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां प्राथमिक स्तर से बच्चों को संस्कृत पढ़ाई जाएगी।
- आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक

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