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छात्रों की ‘अदालत’ में सलमान बेजुबान
देहरादून/ब्यूरो
Updated Mon, 19 Aug 2013 10:22 AM IST
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मौके-बेमौके केंद्र सरकार पर उठने वाले सवालों की बौछारें खुद पर झेलने वाले सिपहसालार और विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद शनिवार को छात्रों की अदालत में लाजवाब हो गए। दून विश्वविद्यालय में छात्रों, बुद्धिजीवियों और गणमान्य नागरिकों से रूबरू हुए खुर्शीद अपनी ओर उछले बेबाक और तीखे सवालों पर कई बार हकबकाए से नजर आए। इस दौरान छात्रों, नागरिकों ने विदेश मंत्री से व्यवस्था में सुधार पर भी राय मशविरा किया।
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पूरा हाल तालियों से गूंज उठा
दून विवि में पब्लिक पालिसी पर विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के व्याख्यान के बाद सवाल-जवाब का दौर शुरू हुआ। विवि के छात्र विकास ने पहला सवाल दागा, ‘भारत के कई सैनिक पाकिस्तान की नापाक करतूत की वजह से शहीद होते हैं। लेकिन उनकी शहादत को दरकिनार कर आप पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ चाय क्यों पीते हैं?’ इस पर पूरा हाल तालियों से गूंज उठा। उधर, कुछ पल ठिठके विदेश मंत्री ने जवाब दिया, ‘देश के हर सैनिक की शहादत का हम सम्मान करते हैं। भारत हमेशा शांति चाहता है। किसी भी युद्ध से पहले या बाद में हल वार्ता से ही निकलता है। चाय भी वार्ता का ही बहाना है।’
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एक छात्रा ने सवाल किया डिजास्टर मैनेजमेंट की बात की जाती है, लेकिन आपदा आए तो हर बार सेना को क्यों बुलाना पड़ता है। खुर्शीद ने इसके जवाब में कहा कि प्राकृतिक आपदाओं का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। कहा कि कई जगह एनडीआरएफ काम कर देती है, लेकिन अगर सेना बुलाई जाती है तो वह भी देश का हिस्सा ही है। इस दौरान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम के निदेशक मधुकर गर्ग ने कहा कि विदेश मंत्रालय की ओर से ऐसा कोई सिस्टम विकसित किया जाए, जिससे उनके यहां होने वाले शोध कार्य विदेशों तक आसानी से पहुंच सकें। रिटायर्ड जनरल केके खन्ना ने चीन मसले पर सवाल किया।
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इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को भी सवालों का सामना करना पड़ा। एक छात्रा ने पूछा आखिर चारधाम यात्रा के दौरान सरकार तीर्थयात्रियों की संख्या के नियंत्रण का नियम लागू क्यों नहीं करती। इस पर सीएम बोले कि देश की जनता का मिजाज ऐसा है कि इस तरह का प्रतिबंध लगाना संभव नहीं है। इस दौरान इग्नू की क्षेत्रीय निदेशक डा. आभा शर्मा ने प्रदेश में पर्यटकों को सस्ती दरों पर भोजन उपलब्ध कराने की प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया। उत्तराखंड मुक्त विवि के क्षेत्रीय निदेशक डा. दुर्गेश पंत ने प्रदेश के विकास पर सुझाव दिए।
जब रो पड़ी एक छात्रा
हॉल में उस वक्त खामोशी पसर गई, जब मध्य प्रदेश की एक छात्रा ने सवाल किया कि ईसाई समुदाय पर मध्य प्रदेश में भारी पाबंदियां क्यों हैं। वहां चर्च खोलने के लिए भी डीएम की आज्ञा लेनी पड़ती है। सवाल पूछते-पूछते छात्रा रो पड़ी। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद भी गंभीर हो गए। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय से वार्ता की बात कही।