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रूसा: इन छात्रों को अब 3 महीने में पूरी करनी होगी पढ़ाई
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 11 Feb 2016 10:08 AM IST
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को जून माह में हर हाल में रूसा सीबीसीएस के पहले बैच के छठे सेमेस्टर में पहुंचे छात्रों का परिणाम घोषित करना ही पड़ेगा। इसके लिए कॉलेजों में छठा सेमेस्टर सिर्फ तीन माह का ही करना पड़ेगा, और मई अंत तक हर हाल में कम से कम इस सेमेस्टर की परीक्षा करवानी ही पड़ेगी।
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ऐसा करने पर ही विश्वविद्यालय पीजी कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होने तक यूजी का परीक्षा परिणाम घोषित कर पाएगा। यदि विश्वविद्यालय समय से परिणाम न निकाल पाया, तो छात्र एचपीयू सहित बाहरी राज्यों में पीजी कोर्स में प्रवेश लेने से वंचित रह जाएंगे। एक फरवरी से खुले कॉलेजों में अभी भी कक्षाओं का दौर पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया है।
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मौजूदा हालात को देखते हुए सोमवार से ही नियमित रूप से कक्षाएं चल पाएंगी। छठे सेमेस्टर में पहुंचे छात्र इन दिनों प्रवेश ले रहे हैं। इस सेमेस्टर में छात्र मेजल इलेक्टिव (एडिशनल सब्जेक्ट)भी पढ़ेंगे, जिससे शिक्षकों पर दो मेजर और छात्र की इच्छा के मुताबिक इलेक्टिव एडिशनल सब्जेक्ट का सिलेबस समय से पूरा करवाने का प्रेशर बढ़ने वाला है।
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रूसा के तहत पहले बैच के हर छात्र को इन छह सेमेस्टर में डिग्री लेने को इन पांचों सेमेस्टर में हर हाल में न्यूनतम 120 क्रेडिट्स पूरे करने ही होंगे। अंतिम सेमेस्टर में माइनर कोई नहीं होगा, मगर छात्र छह तक एडिशनल सब्जेक्ट पढ़ सकता है। इससे जहां क्रेडिटस पूरे होंगे, वहीं कुछ छात्र क्रेडिट्स बढ़ाने के लिए भी एडिशनल सब्जेक्ट पढ़ेंगे। पीजी कोर्स में प्रवेश क्रेडिट्स आधार पर होने के कारण अतिरिक्त क्रेडिट्स का छात्र को लाभ मिलेगा।
छठे सेमेस्टर में एडिशनल विषय इच्छानुसार पढ़ सकेंगे विद्यार्थी
रूसा सीबीसीएस के तहत छठे सेमेस्टर में छात्र को माइनर नहीं पढ़ना होता है, उसे दो मेजर के साथ अपनी इच्छा से एडिशनल विषय पढ़ने होते है, जिससे वह क्रेडिट्स बढ़ा सकता है।
जल्द परिणाम घोषित करने के प्रयास
विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्याम लाल कौशल का कहना है कि रूसा सीबीसीएस यूजी कोर्स के शेष बचे पहले, तीसरे और पांचवें सत्र की नवंबर दिसंबर में हुई परीक्षा के परिणाम इस माह अंत तक घोषित करने के प्रयास हैं। मूल्यांकन और अवार्ड एंट्री का कार्य साथ चलाया जा रहा है। हर संभव प्रयास होगा कि समय से डिग्री पूरी हो।
न्यूनतम क्रेडिट्स को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं
पहला बैच पूरा होने को चंद महीने शेष बचे हैं, मगर अभी तक यही स्थिति साफ नहीं है कि डिग्री लेने को कितने क्रेडिट्स पूरे करने हैं, कॉलेजों ने विवि से जल्द स्थिति साफ करने का आग्रह भी किया है। रूसा सीबीसीएस के तहत यूजी के पहले बैच के लिए 120 क्रेडिट्स न्यूनतम तय किए थे, मगर ईसी से अब 106 क्रेडिट्स किए गए हैं। 106 क्रेडिट्स अनिवार्य किए तो इसके लिए छह माइनर पढ़ना जरूरी होता है, मगर पहले बैच के छठे सेमेस्टर में पहुंचे छात्रों ने छह माइनर विषय पढ़े ही नहीं है। ऐसे में उन्हें 120 क्रेडिट्स ही पूरे करने पड़ेंगे।
बाहरी राज्यों, सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेने वालों को होगी दिक्कत
जून तक परिणाम घोषित न हुआ तो एचपीयू सिर्फ यूनिवर्सिटी में पीजी कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों को लाभ दे सके गा। बाहरी राज्यों या सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रवेश लेने को जून तक परिणाम निकालना ही पड़ेगा। ऐसा न किया तो छात्र प्रवेश लेने से वंचित रह जाएंगे।