अब एक ही जगह निपटेंगी रूसा की समस्याएं
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प्रदेश के कॉलेजों में रूसा के तहत यूजी डिग्री कोर्स कर रहे एक लाख से अधिक छात्रों के लिए एचपीयू की परीक्षा शाखा में अलग रूसा अनुभाग खुलेगा। यह सहायक कुलसचिव की देखरेख में चलेगा। इस अनुभाग में सिर्फ रूसा छात्रों के परीक्षा से संबंधित मामले निपटाए जाएंगे। रूसा में लगातार पेश आ रही समस्याओं को देखते हुए परीक्षा नियंत्रक की ओर से तैयार किए गए प्रोजेक्ट को कुलपति से मंजूरी मिल गई है।
कुलसचिव को अनुभाग के लिए आवश्यक स्टाफ का बंदोबस्त और तैनाती करने के निर्देश दिए गए हैं। विवि के इस कदम से प्रदेश में रूसा के तहत यूजी डिग्री कोर्स कर रहे छात्रों की परेशानी दूर होगी। यह अनुभाग कॉलेजों से संपर्क बनाकर प्रवेश प्रक्रिया, छात्रों की असेसमेंट से लेकर अवार्ड हर ब्योरा ऑनलाइन जुटाएगा।
परीक्षा फार्म भरने, परिणाम तैयार करने और उसे घोषित करने का कार्य भी इसी के जिम्मे होगा। पीजी डिग्री कोर्स और यूजी के ईयर सिस्टम में चल रही कक्षाओं का परीक्षा से संबंधित कार्य परीक्षा शाखा देखेगी। रूसा का अलग अनुभाग परीक्षा नियंत्रक के दिशा-निर्देशों पर कार्य करेगा। कुलपति प्रो. एडीएन बाजपेयी ने जल्द इस पर अमलीजामा पहनाने को कहा है।
अलग ब्रांच में यह होगा स्टाफ
सहायक कुलसचिव मुख्य अधिकारी होंगे। एक अनुभाग अधिकारी, एक अधीक्षक, एक सीनियर असिस्टेंट और क्लर्क के साथ डाटा एंट्री ऑपरेटर होगा। फिलहाल अनुभाग के लिए अनुभवी कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। नई क्लर्क नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने पर क्लर्क भी मिल सकते हैं।
छात्र समस्याएं निपटाने की होगी व्यवस्था
अनुभाग में परीक्षा से संबंधित पूरा रिकॉर्ड रखने के साथ प्रदेश भर के कॉलेजों और प्राइवेट छात्रों से आने वाली समस्याओं को निपटाने को अलग से क्वायरी कर्मी तैनात होगा। वह फोन और ऑनलाइन प्रक्रिया, कोर्स, इंटरनल असेसमेंट, कॉलेजों से विषयों के अवार्ड जैसी हर तरह की समस्याओं का निदान करने को मार्गदर्शन करेगा।
समस्या दूर करने को नई व्यवस्था: प्रो. कौशल
परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने माना कि रूसा के तहत यूजी में पढ़ रहे छात्रों की समस्याओं को देखते हुए ही यह प्रस्ताव तैयार किया है। अलग रूसा अनुभाग बनाया जा रहा है। इसके कार्य शुरू करने पर छात्र समस्याएं दूर होंगी। परीक्षा की प्रणाली में पेश आ रही तमाम खामियां दूर करने और परिणाम समय से घोषित करने का हरसंभव प्रयास होगा। कुलपति से मंजूरी मिल चुकी है। स्टाफ की व्यवस्था होते ही शुरू कर दिया जाएगा।