रूसा की इस खामी से दांव पर छात्रों का भविष्य
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कॉलेजों में लागू किए गए रूसा (सीबीसीए) च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम ने अब पत्रकारिता एवं जन संचार के तीसरे सत्र के छात्रों को परेशान कर दिया है।
तीसरे सत्र के ऑनलाइन परीक्षा फार्म में मेजर विषय के लिए अप्रूव तीन विषयों में से दो की ही ऑप्शन उपलब्ध है। तीसरे विषय की ऑप्शन ही नहीं है। वहां सिर्फ दो ही विषय भरे जाने का प्रावधान है।
ऐसे में छात्र तीसरे विषय की परीक्षा कैसे दे पाएंगे। इस पर संशय बना हुआ है। छात्रों के साथ शिक्षक भी परेशान हैं कि वे पढ़ाए गए विषय की परीक्षा कैसे करवाएंगे। शिक्षकों ने कॉलेजों के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन से इस माह के शुरू में ही समस्या को उठाया था।
भरोसा मिला, समाधान नहीं
इस पर इसका जल्द समाधान करने का भरोसा जरूर मिला, मगर अब तक इसे हल नहीं किया गया। 31 अक्तूबर तक फार्म भरने की अंतिम तारीख है। अब यदि समाधान निकाला भी जाता है, फार्म में ऑप्शन मिलता भी है तो छात्र फार्म में तीसरा विषय नहीं भर पाएंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय को एक बार फिर से ऑनलाइन फार्म भरने की तारीख बढ़ानी पड़ेगी।
यह है मामला
रूसा के तहत यूजी में प्रदेश के 12 कॉलेजों में पत्रकारिता एवं जन संचार बतौर मेजर विषय पढ़ाया जा रहा है। मेजर विषय में ही तीसरे सत्र में तीन विषय की परीक्षा होनी है।
ये हैं सब्जेक्ट
इनमें न्यू मीडिया कम्यूनिकेशन, इंट्रोडक्शन टू एडवरटाइजिंग, इंट्रोडक्शन टू पब्लिक रिलेशंस विषय विवि की बोर्ड ऑफ स्टडीज से अप्रूव किए सिलेबस के मुताबिक रखे गए हैं। अन्य मेजर विषयों में चौथे सत्र से चार पेपर होने हैं। विश्वविद्यालय ने अन्य विषयों के आधार पर ही परीक्षा फार्म डिजाइन किया, जिससे पत्रकारिता विषय के लिए अलग से ऑप्शन ही नहीं रखा गया।
निकाला जाएगा समाधान : सीओई
एचपीयू के परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने कहा कि मामले की छानबीन कर अकादमिक और तकनीकी विशेषज्ञों से विचार कर छात्र हित में इसका समाधान जल्द कर दिया जाएगा।