पीएचडी से जुड़ी बेहद अहम खबर, जानें प्रवेश के नियम
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लखनऊ विश्वविद्यालय में पीएचडी के प्रवेश दिवाली के बाद शुरू होंगे। हालांकि इनका परिणाम दिवाली से पहले जारी कर दिया जाएगा। बुधवार को कुलपति प्रो. एसबी निमसे की अध्यक्षता में पीएचडी प्रवेश को लेकर सभी विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई।
बैठक में सभी अध्यक्षों को पीएचडी के नए ऑर्डिनेन्स और उनके अनुसार प्रवेश करने के सभी नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रवेश समन्वयक प्रो. आरके सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों का साक्षात्कार करने के लिए पांच सदस्यीय इंटरव्यू पैनल होगा।
इसमें विभागाध्यक्ष, दो प्रोफेसर या कुलपति द्वारा नामित दो वरिष्ठ शिक्षक और दो बाहरी विशेषज्ञ होंगे। सभी विभागों को ये नाम देने के लिए कहा गया है। प्रत्येक अभ्यर्थी को इंटरव्यू के लिए औसतन आधे घंटे का समय दिया जाएगा। इंटरव्यू विभागीय स्तर पर होंगे।
ऐसे होगा सेलेक्शन
बैठक में कुलपति ने मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया कि सभी जगह बेहतर अभ्यर्थियों का चयन हो। कुलपति ने अभ्यर्थियों के रिसर्च पोटेंशियल को जांचने की बात पर जोर दिया।
नए ऑर्डिनेन्स के अनुसार साक्षात्कार के समय अभ्यर्थी को 400 से 600 शब्दों में रिसर्च प्रपोजल देना होगा, इसके बाद वह इसी प्रपोजल को पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से समझाएगा जिसके बाद उसका इंटरव्यू होगा।
इन तीनों चरण में 20-20 फीसदी अंक दिए जाएंगे। इसके बाद 10 फीसदी अंक स्नातक के रिजल्ट और 10 फीसदी पीजी रिजल्ट के जोड़े जाएंगे। यदि किसी ने यूजीसी नेट जेआरएफ, सीएसआईआर, टीचर फेलोशिप आदि उत्तीर्ण किया है तो उसे भी 20 फीसदी तक अंक दिए जाएंगे।