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LU: प्रॉक्टर और चीफ वॉर्डन को स्टूडेंट्स ने बनाया बंधक

Fri, 16 Jan 2015 03:39 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 16 Jan 2015 03:39 PM IST
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ruckus in lu subhash hostel.

सुभाष हॉस्टल में मेस के खराब खाने और अन्य समस्याओं को लेकर बुधवार रात स्टूडेंट्स ने प्रॉक्टर, असिस्टेंट प्रॉक्टर तथा चीफ वार्डन को बंधक बना लिया।

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चीफ प्रॉक्टर तो रात में पिछले गेट से निकल गए लेकिन चीफ वार्डन और असिस्टेंट प्रॉक्टर को स्टूडेंट्स सुबह पांच बजे तक बंधक बनाए रहे। इन सब के बावजूद हॉस्टल वार्डन नहीं पहुंचे।
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जानकारी पाकर गुरुवार सुबह लविवि कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समस्याएं वाजिब पाईं।

मेस संचालक को भोजन व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए। वार्डन को बर्खास्त करने के साथ ही बाकी समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने तीन सदस्यीय समिति बनाने का निर्देश दिया इसके बाद ही स्टूडेंट्स शांत हुए।
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सुभाष हॉस्टल के स्टूडेंट्स ने बताया कि वे पिछले काफी समय से गंदे पानी, घटिया खाने की शिकायत वार्डन से कर रहे थे।

बेहद गंदगी से बनता है खाना

ruckus in lu subhash hostel.

मेस में स्टूडेंट्स से प्रतिमाह 1800 रुपये शुल्क वसूला जाता है लेकिन बेहद घटिया खाना दिया जाता है। इतना ही नहीं 208 स्टूडेंट्स को खाना देने के लिए मेस में केवल 25 थालियां हैं। बेहद गंदगी में खाना बनाया जाता है।

इस संबंध में शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती है। यहां तक कि बार-बार फोन करने के बावजूद वार्डन डॉ. अरुण कुमार कभी भी मौके पर नहीं आते हैं।

बुधवार को भी स्टूडेंट्स ने घटिया खाने की शिकायत की। किसी प्रकार की सुनवाई न होने पर स्टूडेंट्स ने हंगामा शुरू कर दिया।

इसकी सूचना पर रात एक बजे के करीब प्रॉक्टर प्रो. मनोज दीक्षित, चीफ वार्डन प्रो. राजकुमार सिंह और असिस्टेंट प्रॉक्टर डॉ. शुक्ला समेत कई शिक्षक मौके पर पहुंचे।

कुलपति ने किया निरीक्षण

ruckus in lu subhash hostel.

स्टूडेंट्स ने चीफ वार्डन से हॉस्टल के वार्डन को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की। सुनवाई न होने पर स्टूडेंट्स ने गेट पर ताला डालकर सभी को बंधक बना लिया।

चीफ प्रॉक्टर को किसी तरह वहां से बचकर निकल गए पर बाकी सब को स्टूडेंट्स हॉस्टल में बंधक बनाए रहे। आखिर में असिस्टेंट प्रॉक्टर डॉ. ओपी शुक्ला मुक्त हुए। घटना की जानकारी पाकर सुबह कुलपति ने हॉस्टल का निरीक्षण किया।

उन्होंने मेस का खाना तुरंत दुरुस्त कराने का निर्देश दिया अन्य समस्याओं के समाधान के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया।

इसके साथ ही वार्डन अरुण कुमार को बर्खास्त करके सुभाष हॉस्टल के वार्डन का चार्ज डॉ. ओपी शुक्ला को दे दिया गया।

वीसी को मिले खाने में कंकड़

ruckus in lu subhash hostel.
सुभाष हॉस्टल के स्टूडेंट्स ने गुरुवार दोपहर को साइंस कैंटीन पहुंचकर वहां खाने की सामग्री लूट ली। मेस में घटिया खाने की शिकायत करते हुए स्टूडेंट्स ने बुधवार रात से खाना नहीं खाया था।

कुलपति ने निरीक्षण के बाद खाने की गुणवत्ता सुधारने का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब तीन बजे के आसपास स्टूडेंट्स साइंस कैंटीन पहुंचे और वहां खाने का सामान उठा लिया।

एलयू के वीसी प्रो. एसबी निमसे का कहना है, मैंने हॉस्टल का खाना चखा था। चावल में कंकड़ मिले थे। खाना बेहद घटिया था। क्वालिटी सुधारने के लिए मेस संचालकर को निर्देश दिए गए हैं।

20 जनवरी तक होगा समस्याओं का निपटारा

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बाकी समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनिल शुक्ला, चीफ वार्डन प्रो. राजकुमार सिंह और असिस्टेंट वार्डन डॉ. एच एन प्रसाद की तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है।

समिति 20 जनवरी तक सभी समस्याओं का निपटारा करेगी। एलयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज दीक्षित का कहना है, रात में स्टूडेंट्स शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रख रहे थे।

उन्होंने ताला जरूर बंद किया था लेकिन ऐसा कोई काम नहीं किया था, जिससे उनके खिलाफ अनुशासनात्क कार्रवाई की जाए।

जहां तक साइंस कैंटीन में हंगामे की सूचना है अगर किसी प्रकार की शिकायत आती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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